शुक्रवार, 3 जुलाई

Highlights

  • वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचीं।
  • केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने फिलहाल तत्काल राहत की संभावना से इनकार किया।
  • सरकारी तेल कंपनियां महंगे दाम पर खरीदे गए पुराने कच्चे तेल की प्रोसेसिंग कर रही हैं।
  • निजी कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता किया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के बाद देश में पेट्रोल और डीजल सस्ता होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, फिलहाल सरकारी तेल कंपनियों के पंपों पर तुरंत कीमतें घटने की संभावना नहीं दिख रही है। केंद्र सरकार का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम अगले कुछ समय तक इसी स्तर पर स्थिर रहते हैं, तभी खुदरा ईंधन कीमतों की समीक्षा की जाएगी।

सरकार ने क्या कहा?

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां अभी उस कच्चे तेल से ईंधन तैयार कर रही हैं जिसे पश्चिम एशिया में तनाव के दौरान ऊंची कीमतों पर खरीदा गया था। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई हालिया गिरावट का असर उपभोक्ताओं तक पहुंचने में समय लग सकता है।

उन्होंने संकेत दिया कि यदि कच्चे तेल की कीमतें अगले 2 से 3 महीने तक मौजूदा स्तर पर स्थिर रहती हैं, तो कंपनियां पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों की समीक्षा कर सकती हैं।

कच्चा तेल सस्ता होने के बाद भी कीमतें तुरंत क्यों नहीं घटतीं?

विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल के मौजूदा भाव से तय नहीं होतीं। इनमें कई अन्य कारक भी शामिल रहते हैं, जैसे—

  • पहले खरीदे गए महंगे कच्चे तेल का स्टॉक
  • रिफाइनिंग और परिवहन लागत
  • केंद्र और राज्यों के कर
  • तेल विपणन कंपनियों की लागत और मार्जिन

इसी वजह से वैश्विक बाजार में कीमत घटने का असर खुदरा बाजार में कुछ सप्ताह या महीनों बाद दिखाई दे सकता है।

नायरा एनर्जी ने दी राहत

सरकारी कंपनियों से पहले निजी क्षेत्र की नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई से अपने 7,000 से अधिक फ्यूल स्टेशनों पर पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता करने की घोषणा की है। यह हाल के वर्षों में निजी क्षेत्र की ओर से प्रमुख कीमत कटौती मानी जा रही है।

क्या सरकारी पंपों पर भी जल्द घटेंगे दाम?

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं और वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति में फिर से बड़ा तनाव नहीं आता, तो आने वाले हफ्तों या अगले कुछ महीनों में सरकारी तेल कंपनियां भी कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं। हालांकि, अभी तक किसी आधिकारिक तारीख या कटौती की घोषणा नहीं की गई है।

फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2 जुलाई 2026 को दिल्ली में पेट्रोल की खुदरा कीमत ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹95.20 प्रति लीटर दर्ज की गई। अन्य शहरों में स्थानीय करों के कारण कीमतों में अंतर हो सकता है।

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