बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मेघालय हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सोनम को मिली जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। अदालत ने निचली अदालत द्वारा अप्रैल 2026 में दी गई सशर्त जमानत को बरकरार रखा। विस्तृत आदेश का इंतजार है।
अप्रैल में मिली थी सशर्त जमानत
सोनम रघुवंशी को अप्रैल 2026 में शिलॉन्ग की अदालत ने जमानत दी थी। इसके बाद मेघालय सरकार ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए जमानत रद्द करने की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर सोमवार को निर्णय सुनाया गया।
जमानत की शर्तें रहेंगी लागू
हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी सोनम को पहले से तय सभी शर्तों का पालन करना होगा। इनमें शामिल हैं:
- किसी गवाह या सबूत से छेड़छाड़ नहीं करेगी।
- हर सुनवाई पर अदालत में उपस्थित रहेगी।
- अदालत की अनुमति के बिना निर्धारित क्षेत्राधिकार नहीं छोड़ेगी।
- ₹50,000 का निजी मुचलका लागू रहेगा।
राजा के परिवार ने जताई नाराजगी
हाईकोर्ट के फैसले से राजा रघुवंशी के परिवार में नाराजगी है। राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी पहले भी इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं। उनका कहना रहा है कि सोनम के जमानत पर बाहर रहने से परिवार को सुरक्षा संबंधी चिंता है।
सोनम ने नेपाल भागने की बात से किया था इनकार
जमानत मिलने के बाद सोनम रघुवंशी ने शिलॉन्ग के एक स्थानीय चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि वह नेपाल नहीं भागी है और उसके बारे में कई झूठी बातें फैलाई जा रही हैं। उसने लोगों से अपील की थी कि अफवाहों पर भरोसा न करें।
क्या है मामला?
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की मई 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या कर दी गई थी। पुलिस का आरोप है कि उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। मामले में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और मुकदमे की सुनवाई जारी है। सोनम सहित सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं, हालांकि दोष सिद्ध होना अभी अदालत के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।
