संसार में अनेक वस्तुएं हैं, जिन्हें हम किसी न किसी नाम से पुकारते हैं. इन सभी वस्तुओं के नामों का आरंभ अलग-अलग कारणों से हुआ है. ठीक इसी प्रकार विभिन्न देशों के नामों का आरंभ भी किसी एक प्रकार से नहीं हुआ है, बल्कि इन नामों की उत्पत्ति के अनेक स्रोत रहे हैं. क्या आप जानते हो कि ये नाम किस प्रकार पड़े ?
वर्ष 2024 तक दुनिया में 195 देश हैं। इनमे से 193 देश संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश हैं और 2 देश गैर-सदस्य पर्यवेक्षक देश हैं: होली सी और फिलिस्तीन राज्य। अधिकतर देशों के नाम उन व्यक्तियों के नाम पर पड़े हैं, जिन्होंने उन्हें खोजा. कुछ देशों के नाम वहां पर रहने वाली जातियों के नामों के आधार पर पड़े हैं. उदाहरण के लिए अमेरिका की खोज अमरीगो वेसपूसी (Amerigo Vespucci) ने की थी. उसी के नाम पर इस देश का नाम अमेरिका पड़ा. फ्रेंकिश आक्रमणकारियों के नाम पर फ्रांस को इस नाम से पुकारा जाने लगा. इंग्लैंड नाम की उत्पति एंजल्स (Angles) से हुई है. ग्रौक और रोमन लोग इंग्लैंड को ‘एलबिअन’ (Alboin) कहते थे. एलबिअन शब्द की उत्पति लैटिन भाषा के एलबस (Albus) शब्द से हुई है, जिसका अर्थ है: सफेद त्वचा वाला. चूंकि इंग्लैंड के लोगों की त्वचा गोरी होती है, इसीलिए रोमन लोगों ने इस देश को एलबिअन कहना शुरू कर दिया. रोमंस ने यही बात सबसे पहले देखी होगी.
कनाडा के क्यूबैक नाम की उत्पत्ति की बहुत दिलचस्प कहानी है. फ्रांस के मल्लाह जब इस देश के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि इस चट्टानी जमीन का नुकीला हिस्सा समुद्र में घुसा हुआ है, जो किसी पक्षी की चोंच को तरह दिखता है. वे इसे देखकर ‘क्वैल बेक’ (Quel bec) कहकर चिल्लाये. क्वैल बेक का अर्थ है वाह, क्या चोंच है. तभी से इसका नाम क्यूबेक पड़ गया. हालैंड को नीदरलैंड्स भी कहा जाता है. फिनलैंड के लोग अपने देश को सुओमी कहते हैं. तसमानिया का नाम वहां के काले रंग के आदिवासियों तसमनोइड्स के नाम पर पड़ा. इसी प्रकार आस्ट्रेलोइड्स के नाम पर आस्ट्रेलिया का नाम पड़ा.
भारत का नाम शकुंलता और दुष्यंत के वीर पुत्र भरत के नाम पर पड़ा. कहा जाता है कि भरत बचपन में शेर के बच्चों के साथ खेला करता था.
भारतवर्ष को हिंदुस्तान भी कहते हैं. यह नाम ‘सिधु’ से बिगड़ कर बना है. प्राचीन भारत के लोग सिधु नदी के किनारे रहते थे. यूनानी भाषा में ‘स’ के स्थान पर ‘ह’ का उपयोग किया जाता है. अतः वे यहां के लोगों को ‘हिंदू’ कहते थे. इसी से यहां का नाम ‘हिंदुस्तान’ पड़ गया, लेकिन आज हमारे देश का अधिकृत नाम भारतवर्ष या इंडिया (India) ही है.
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