Thursday, 9 July

ग्रामीण भारत में रोजगार और कृषि सुधार को एक साथ आगे बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘प्रगति’ (PRAGATI) नामक नई राष्ट्रीय पहल की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत देश के विभिन्न राज्यों के 20,000 ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी (Agri-Entrepreneur) के रूप में तैयार किया जाएगा, ताकि वे अपने ही क्षेत्रों में किसानों को तकनीकी सहायता, कृषि सेवाएं और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करा सकें। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पहल को कृषि क्षेत्र में जमीनी बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

क्या है PRAGATI योजना?

PRAGATI (प्रगति) का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को कृषि आधारित स्वरोजगार से जोड़ना और किसानों तक आधुनिक कृषि सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है। इस पहल के तहत प्रशिक्षित युवा गांवों में कृषि-उद्यमी के रूप में कार्य करेंगे। वे किसानों को नई तकनीकों, कृषि संसाधनों, वित्तीय सेवाओं और सरकारी योजनाओं तक पहुंच बनाने में मदद करेंगे। सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र को अधिक उत्पादक, तकनीक-संचालित और बाजार-केंद्रित बनाना है।

पहले चरण में 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षण

योजना के शुरुआती चरण में आठ राज्यों (मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड) के करीब 20,000 ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम का फोकस ऐसे युवाओं पर रहेगा जो अपने गांव में रहकर कृषि क्षेत्र में सेवाएं देना चाहते हैं। सरकार भविष्य में इस पहल का दायरा अन्य राज्यों तक बढ़ाने की भी तैयारी कर रही है।

गांवों में क्या काम करेंगे कृषि-उद्यमी?

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कृषि-उद्यमी किसानों को कई महत्वपूर्ण सेवाओं में सहयोग देंगे। इनमें शामिल हैं:

  • मृदा परीक्षण और मिट्टी के स्वास्थ्य संबंधी सलाह
  • आधुनिक खेती तकनीकों की जानकारी
  • कृषि मशीनरी और उपकरणों तक पहुंच में सहायता
  • बैंकिंग, ऋण और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़ाव
  • कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार संपर्क
  • सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी और लाभ प्राप्त करने में मदद

इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को गांव स्तर पर ही आवश्यक कृषि सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूर नहीं जाना पड़े।

किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?

सरकार के अनुसार, प्रशिक्षित कृषि-उद्यमियों का नेटवर्क किसानों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और कृषि संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा। बेहतर मृदा प्रबंधन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और संसाधनों तक आसान पहुंच से खेती की लागत कम करने तथा उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा बाजारों से बेहतर जुड़ाव किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त करने में भी मदद कर सकता है।

ग्रामीण रोजगार को मिलेगा नया आधार

यह पहल केवल कृषि सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी पैदा करने का प्रयास है। प्रशिक्षित युवा कृषि सेवा प्रदाता के रूप में अपनी पहचान बना सकेंगे और गांवों में ही आय के नए स्रोत विकसित कर सकेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

कृषि मंत्री ने क्या कहा?

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब कृषि क्षेत्र और गांव दोनों मजबूत हों। उनके अनुसार, PRAGATI पहल का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय में सुधार, खेती की लागत में कमी, तकनीक के उपयोग को बढ़ावा और ग्रामीण युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करना भी है। उन्होंने इसे किसानों और ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

Share.
Exit mobile version