मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने पुलिस मुख्यालय के अंतर्गत आयोजित सूबेदार और सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। भर्ती प्रक्रिया 500 पदों के लिए आयोजित की गई थी, लेकिन महिला और अन्य आरक्षित श्रेणियों में पर्याप्त पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण कुल 436 पदों पर ही अंतिम चयन हो सका। अंतिम परिणाम के साथ पदवार, श्रेणीवार और संवर्गवार कटऑफ सूची भी जारी की गई है।
ओबीसी वर्ग के संजय परमार ने हासिल किया पहला स्थान
जारी मेरिट सूची के अनुसार, ओबीसी वर्ग के संजय परमार ने 595.98 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। टॉप-10 अभ्यर्थियों में पांच उम्मीदवार ओबीसी वर्ग से हैं, जबकि तीन उम्मीदवार ईडब्ल्यूएस और दो उम्मीदवार अनारक्षित वर्ग से चयनित हुए हैं। यह परिणाम अंतिम मेरिट के आधार पर तैयार किया गया है।
ऐसे पूरी हुई चयन प्रक्रिया
कर्मचारी चयन मंडल के अनुसार, लिखित परीक्षा के परिणाम के आधार पर 5,113 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए पात्र घोषित किया गया था। इसके बाद पुलिस विभाग ने रिक्तियों के तीन गुना यानी 1,692 उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और साक्षात्कार के लिए बुलाया।
अंतिम मेरिट सूची लिखित परीक्षा, पीईटी और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों को मिलाकर तैयार की गई है। समान अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की वरीयता भर्ती नियमों के अनुसार आयु और आरक्षण संबंधी प्रावधानों के आधार पर तय की गई।
सभी 500 पद क्यों नहीं भर पाए?
भर्ती प्रक्रिया के दौरान महिला और अन्य विशेष आरक्षित श्रेणियों में निर्धारित आरक्षण के अनुरूप पर्याप्त योग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहीं मिले। इसी कारण 500 स्वीकृत पदों में से केवल 436 पदों पर ही नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया गया।
मंडल ने बताया कि नियमों के अनुसार कुछ रिक्त पदों का वर्गीकरण भी बदला गया, लेकिन इसके बाद भी सभी पदों को भरना संभव नहीं हो सका।
पूर्व सैनिकों को मिला अतिरिक्त लाभ
भर्ती नियमों के तहत पूर्व सैनिक अभ्यर्थियों को शासन के प्रावधानों के अनुसार मुख्य चरण की प्रारंभिक परीक्षा में 5 प्रतिशत अतिरिक्त अंक का लाभ दिया गया। हालांकि अंतिम मेरिट सूची का निर्धारण निर्धारित चयन प्रक्रिया के सभी चरणों के अंकों के आधार पर किया गया।
कटऑफ सूची भी हुई जारी
अंतिम परिणाम के साथ कर्मचारी चयन मंडल ने पदवार, श्रेणीवार और संवर्गवार कटऑफ अंक भी प्रकाशित किए हैं। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी श्रेणी के अनुसार कटऑफ और परिणाम देख सकते हैं।
मंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि परिणाम में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि सामने आती है, तो आवश्यक संशोधन करने का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा।