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उत्तरप्रदेश: खुले में अंतिम संस्कार करने को मजबूर 50 गांव के लोग, मुरादाबाद में अधूरा पड़ा श्मशान घाट का निर्माण

उत्तरप्रदेश: खुले में अंतिम संस्कार करने को मजबूर 50 गांव के लोग, मुरादाबाद में अधूरा पड़ा श्मशान घाट का निर्माण



मुरादाबाद 
मुरादाबाद में लगभग साढ़े आठ हजार मतदाता वाले वार्ड 23 के लोग तमाम मूलभूत सुविधाओं तक के लिए जूझ रहे हैं। मंगलवार को जब हिन्दुस्तान की टीम वहां पहुंची तो एक स्वर में लोगों का कहना था कि यहां पर करीब पचास गांव के लोगों को अंतिम संस्कार खुले आसमान के नीचे करना पड़ता है। गागन पर मोक्षधाम के निर्माण के लिए कई बार प्रस्ताव से लेकर टेंडर तक पास किए गए।

लोगों ने आगे बताया कि भाजपा नेताओं ने मोक्षधाम तक जाने के लिए पक्की सड़क भी बनवा दी। श्मशान घाट का निर्माण भी शुरू करा दिया गया, लेकिन कुछ दिन की तेजी के बाद सबकुछ ठप हो गया। हालात यह है कि सालों से श्मशान घाट का निर्माण पूरा नहीं हो सका। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय राजनीतिक दलों के नेता वोट मांगने के लिए आते हैं। उनके सामने श्मशान का निर्माण कराए जाने की मांग रखी जाती रही। सभी ने निर्माण कार्य कराए जाने के दावे किए, मगर हकीकत में श्मशान घाट का निर्माण आज तक पूरा नहीं हो सका।
 

इससे क्षेत्र के लोगों को मजबूरन खुले आसमान के नीचे ही अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इसके साथ ही टीम ने दिल्ली रोड स्थित एक अन्य वार्ड 16 की भी पड़ताल की तो यहां भी लोगों ने साफ- सफाई समेत तमाम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस वार्ड की आबादी करीब तीस हजार है। बुद्धि विहार में आने वाले इस वार्ड में लोगों ने पार्कों की साफ-सफाई से लेकर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट और पेड़ों की छंटाई व जलभराव की समस्या को लोगों ने मजबूती के साथ रखा।

वार्ड 23 के राजाराम सागर ने कहा कि गागन नदी किनारे श्मशान घाट का निर्माण कराया जाना चाहिए। इसकी मांग क्षेत्रीय पार्षद के अलावा भाजपा नेताओं से की जाती रही है। पोपीराम का कहना है कि लोगों को खुले में अंतिम संस्कार करना मजबूरी बन गया है। हर बार नेता चुनाव में वायदे करके जाते हैं, मगर श्मशान घाट का निर्माण पूरा नहीं हो सका। चंद्रवती ने बताया कि क्षेत्र में सड़कें काफी समय से टूटी पड़ी हुई हैं। इसकी शिकायत क्षेत्रीय पार्षद से की गई। उन्होंने सड़क बनाए जाने का आश्वासन दिया है।

वार्ड 16 की कल्पना भंडारी ने कहा कि बुद्धिविहार इलाके की स्ट्रीट लाइट ज्यादा समय खराब ही रहती हैं। शिकायत करने पर भी बदलने में 15 से 20 दिन का समय लग जाता है। पारुल सिंह ने कहा कि सड़क किनारे खड़े पेड़ों की लंबे समय से छंटाई नहीं हुई है। पेड़ों की टहनियां हादसों का सबब बन रहीं हैं। आए दिन हादसे भी होते रहते हैं। योगेश ने बताया कि पार्कों में गंदगी है। आवारा जानवर घूमते रहते हैं। मार्निंग वॉक करते समय हादसे की आशका बनी रहती है। आवारा पशुओं पर तत्काल रोक लगे।

पार्षद वार्ड 23, अशोक सैनी का कहना है कि वार्ड 23 की सबसे बड़ी समस्या श्मशान घाट बनाए जाने की है। क्षेत्रीय लोगों की डिमांड पर प्रस्ताव भी पास कराए गए। दो बार टेंडर भी कराए गए। निर्माण कार्य शुरू भी कराया गया। इसके बाद कुछ लोगों के हस्तक्षेप के कारण श्मशान घाट का निर्माण पूरा नहीं हो सका। इसके लिए लगातार प्रयास जारी हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी बातचीत की जा रही है।

पार्षद वार्ड 16, प्रदीप शर्मा ने कहा कि वार्ड 16 में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। भगवान परशुराम की मूर्ति की स्थापना के साथ ही चौक का निर्माण कराया गया। चौबीस घंटे पानी की सुविधा के लिए पानी की टंकी का प्रस्ताव पारित कराया गया। जल्द ही पानी की टंकी बनकर तैयार हो जाएगी। सड़कों पर हाईमॉस्क लाइटें लगवाने का काम किया गया है। 17 पार्कों का सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया।
 



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