मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआती धमाकेदार एंट्री के बाद इसकी रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना वह मौसमी सिस्टम, जिसकी मदद से मानसून प्रदेश में आगे बढ़ रहा था, अब कमजोर होकर समाप्त हो चुका है। यही वजह है कि मानसून की प्रगति फिलहाल रुक गई है और राजधानी भोपाल समेत कई क्षेत्रों को अभी बारिश का इंतजार करना पड़ रहा है।
गर्मी और उमस के बीच लोग राहत भरी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल अगले दो दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।
अलीराजपुर से बालाघाट के बीच अटका मानसून
मौसम विभाग के अनुसार मानसून वर्तमान में अलीराजपुर से बालाघाट तक के क्षेत्र में ठहरा हुआ है। सिस्टम कमजोर पड़ने के कारण यह आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसका सीधा असर भोपाल, विदिशा, रायसेन और आसपास के इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां मानसून की आधिकारिक दस्तक अभी बाकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की प्रगति के लिए बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब ऐसे सिस्टम सक्रिय रहते हैं तो नमी और हवाओं का प्रवाह बढ़ता है, जिससे मानसून तेजी से आगे बढ़ता है।
27 से 30 जून के बीच बनेगा नया लो प्रेशर एरिया
मौसम विज्ञान केंद्र ने संकेत दिए हैं कि 27 से 30 जून के बीच बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने की संभावना है। इसके सक्रिय होने के बाद मानसून को नई ऊर्जा मिल सकती है और वह प्रदेश के शेष हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सिस्टम के प्रभाव से जून के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और भोपाल सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों में अच्छी वर्षा देखने को मिल सकती है।
भोपाल में बढ़ी उमस, नौगांव रहा सबसे गर्म
मानसून की देरी का असर राजधानी भोपाल में साफ दिखाई दे रहा है। गुरुवार को दिनभर तेज धूप निकली और बारिश नहीं होने से उमस का स्तर बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ सकता है।
प्रदेश में सबसे अधिक गर्मी छतरपुर जिले के नौगांव में दर्ज की गई, जहां अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से करीब 4 डिग्री अधिक है। वहीं मंडला में तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक 37.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
दक्षिणी जिलों में बदला मौसम, चली तेज आंधी
हालांकि प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में मौसम ने अलग तस्वीर पेश की। आसपास बने प्रेरित चक्रवात के प्रभाव से कई जिलों में तेज हवाएं चलीं और गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई।
कई क्षेत्रों में हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची। श्योपुर और बालाघाट जिले के मलाजखंड में सबसे अधिक 11 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, शिवपुरी और छिंदवाड़ा में भी बारिश हुई।
45 जिलों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के 45 जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले
- सीहोर
- आगर मालवा
येलो अलर्ट वाले जिले
भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, मैहर और पांढ़ुर्णा।
आगे क्या है संभावना?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि जून के अंतिम सप्ताह में बनने वाला नया सिस्टम मानसून को दोबारा सक्रिय कर सकता है। यदि अनुमान सही साबित होते हैं तो जुलाई की शुरुआत प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश के साथ हो सकती है।
बारिश का इंतजार कर रहे किसानों और आम लोगों की नजर अब बंगाल की खाड़ी में बनने वाले अगले मौसमीय सिस्टम पर टिकी हुई है, जो प्रदेश में मानसून की रफ्तार तय करेगा।