इंदौर शहर के बहुप्रतीक्षित लवकुश चौराहा डबल डेकर फ्लाईओवर परियोजना में एक और महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। निर्माण एजेंसी ने फ्लाईओवर पर दूसरी करीब 400 टन वजनी बो-स्ट्रिंग (Bow String) स्थापित कर असेंबली का काम पूरा कर लिया है। इसके साथ ही परियोजना का निर्माण कार्य अंतिम चरण की ओर बढ़ गया है।
अधिकारियों के अनुसार, करीब डेढ़ माह पहले स्थापित पहली बो-स्ट्रिंग का लोड टेस्ट भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। चूंकि फ्लाईओवर के ऊपरी हिस्से से मेट्रो कॉरिडोर गुजर रहा है, इसलिए सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पहली बो-स्ट्रिंग की परीक्षण प्रक्रिया पहले की गई। दूसरी बो-स्ट्रिंग का अलग से लोड टेस्ट नहीं किया जाएगा। अब अगले सप्ताह से सेगमेंट स्पैन की लोड टेस्टिंग शुरू करने की तैयारी है।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि डबल डेकर फ्लाईओवर का लगभग 90 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। अधिकांश बो-स्ट्रिंग पर सेगमेंट लगाए जा चुके हैं और स्लैब डालने का काम भी लगभग समाप्त हो गया है। हाल ही में लगाए गए बो-स्ट्रिंग और उससे जुड़े सेगमेंट पर स्लैब निर्माण का कार्य अगले सप्ताह शुरू होगा।
आईडीए के सीईओ परीक्षित झाड़े के मुताबिक, 24 मीटर चौड़े एक स्पैन में 13 सेगमेंट लगाए गए हैं। इन सभी सेगमेंट की क्षमता जांचने के लिए अगले सप्ताह लोड टेस्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बो-स्ट्रिंग की परीक्षण प्रक्रिया विभिन्न चरणों में पूरी की गई और सभी परीक्षण सफल रहे।
करीब 173 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस फ्लाईओवर की कुल लंबाई 1,454 मीटर है। यह छह लेन का डबल डेकर फ्लाईओवर होगा। इसके शुरू होने के बाद मरीमाता क्षेत्र से आने वाले वाहन सीधे फ्लाईओवर के जरिए उज्जैन रोड तक पहुंच सकेंगे, जिससे चौराहे पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
सितंबर तक यातायात शुरू करने का लक्ष्य
निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों ने दावा किया है कि परियोजना का शेष कार्य सितंबर तक पूरा कर फ्लाईओवर को वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि इससे पहले भी दो बार निर्माण पूरा करने की समयसीमा बढ़ाई जा चुकी है। लगातार देरी के कारण इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले लोगों को पिछले तीन वर्षों से ट्रैफिक और निर्माण कार्य की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सर्विस रोड की बदहाल स्थिति बनी चिंता
फ्लाईओवर निर्माण लंबा खिंचने का असर आसपास की सर्विस रोड पर भी दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर सड़क अधूरी है, जबकि गड्ढों और कीचड़ के कारण वाहन चालकों तथा पैदल यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद जलभराव की स्थिति से दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति दुर्घटनाओं का कारण बन रही है और जल्द मरम्मत की आवश्यकता है।