Silver Price Today, 2 July: जुलाई के पहले कारोबारी सप्ताह में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की कमजोरी दर्ज की गई, जबकि घरेलू वायदा बाजार में निवेशकों की खरीदारी के चलते मजबूती दिखाई दी। सर्राफा बाजारों में भी चांदी के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।
MCX पर क्या रहा चांदी का भाव?
घरेलू कमोडिटी बाजार में चांदी की चाल मिश्रित रही। शुरुआती कारोबार में दबाव देखने को मिला, लेकिन सितंबर वायदा अनुबंध में खरीदारी बढ़ने से कीमतों को सहारा मिला। एमसीएक्स (MCX) पर सितंबर वायदा चांदी करीब 0.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹2,30,100 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर करीब 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60.41 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।
वैश्विक बाजार का क्या असर पड़ रहा है?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर जारी अनिश्चितता कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रही है। इसके साथ ही निवेशकों की नजर अब अमेरिका से आने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों, खासकर ADP रोजगार रिपोर्ट, नॉन-फार्म पेरोल (NFP) और बेरोजगारी दर पर है। इन आंकड़ों के आधार पर आगे चांदी और सोने की दिशा तय हो सकती है।
प्रमुख शहरों में चांदी का भाव
देश के विभिन्न सर्राफा बाजारों में चांदी के खुदरा दाम लगभग ₹2.23 लाख से ₹2.25 लाख प्रति किलोग्राम के बीच बने रहे। नई दिल्ली, मुंबई, जयपुर, पटना और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों में भी कीमतों में मामूली अंतर देखा गया, जो स्थानीय मांग, सप्लाई और कारोबारी गतिविधियों पर निर्भर करता है।
आगे कैसी रह सकती है चाल?
विश्लेषकों के अनुसार यदि अमेरिकी डॉलर और मजबूत होता है या ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत मिलते हैं, तो चांदी पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, यदि अमेरिकी आर्थिक आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहते हैं, तो सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग बढ़ने से चांदी में फिर तेजी लौट सकती है। हाल के कारोबारी सत्रों में कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद कीमती धातुओं में खरीदारी का रुझान भी देखा गया है।
क्या अभी चांदी में निवेश करना सही रहेगा?
विशेषज्ञों की राय है कि अल्पकालिक निवेशकों को फिलहाल बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सतर्क रहना चाहिए। वहीं, जिन निवेशकों का लक्ष्य लंबी अवधि का है, वे कीमतों में आने वाले उतार-चढ़ाव के दौरान चरणबद्ध निवेश (SIP या किस्तों में खरीदारी) की रणनीति पर विचार कर सकते हैं।
हालांकि, किसी भी बड़े निवेश से पहले ताजा बाजार भाव, प्रमुख आर्थिक संकेतकों और स्थानीय सर्राफा बाजार के रेट की पुष्टि करना जरूरी है। निवेश का निर्णय हमेशा अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और पोर्टफोलियो में विविधता को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।