प्रयागराज महाकुंभ के दौरान माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर चर्चित हुई मोनालिसा से विवाह करने वाले फिल्म निर्माता मोहम्मद फरहान को राहत नहीं मिली है। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले मंडलेश्वर स्थित विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में आरोपी को अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा।
मामला खरगोन जिले के महेश्वर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस ने मोनालिसा को नाबालिग बताते हुए मोहम्मद फरहान के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। इससे पहले इसी मामले में केरल हाईकोर्ट में भी कानूनी कार्यवाही हो चुकी है।
पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता के पिता ने 25 मार्च 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि आरोपी ने उनकी बेटी को फिल्मों में काम दिलाने का भरोसा देकर अपने साथ केरल ले गया और वहां कथित रूप से धोखे से विवाह कर लिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें दोनों के संपर्क में होने की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली थी।
उम्र को लेकर अदालत में हुई बहस
सरकारी पक्ष ने अदालत के समक्ष पीड़िता के जन्म संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए। अभियोजन का दावा है कि इन रिकॉर्ड के अनुसार उसकी जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 है, जिससे वह घटना के समय नाबालिग थी। वहीं, आरोपी की ओर से पेश किए गए जन्म प्रमाण-पत्र पर अभियोजन ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह बाद में तैयार कराया गया दस्तावेज प्रतीत होता है, इसलिए इसकी विश्वसनीयता संदिग्ध है।
जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप
पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। साथ ही यह आशंका भी जताई गई कि गिरफ्तारी से पहले राहत मिलने पर वह फरार हो सकता है या साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। इन दलीलों के आधार पर अभियोजन ने अग्रिम जमानत का विरोध किया।
बचाव पक्ष ने क्या कहा
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि युवती अपनी इच्छा से आरोपी के साथ गई थी और उसने स्वयं को बालिग बताया था। बचाव का यह भी कहना था कि दोनों ने आपसी सहमति से विवाह किया, जिसका विधिवत पंजीयन भी कराया गया। साथ ही आरोप लगाया गया कि युवती के पिता की शिकायत के बाद दोनों को झूठे मामले में फंसाया गया है।
फिलहाल अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए मोहम्मद फरहान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामले की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी है।