Wednesday, 8 July

हरदा जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य पर पूर्ण खरीदी की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ का आंदोलन बुधवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दौरान प्रशासन द्वारा प्रस्तावित रक्तदान शिविर की अनुमति नहीं दिए जाने पर किसानों ने विरोध का नया तरीका अपनाया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी थालियां बजाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई।

धरना स्थल पर किसानों ने पहले रक्तदान शिविर आयोजित करने की योजना बनाई थी। इसके लिए ब्लड कलेक्शन वैन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्था नहीं की, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने विरोध मार्च निकालने का निर्णय लिया।

समर्थन मूल्य पर पूरी खरीदी की मांग

भारतीय किसान संघ का कहना है कि ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी बिना किसी मनमानी सीमा के समर्थन मूल्य पर की जानी चाहिए। संगठन का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में प्रति एकड़ सीमित मात्रा में ही खरीदी किए जाने की बात कही जा रही है, जबकि किसानों के वास्तविक उत्पादन के अनुरूप प्रति हेक्टेयर निर्धारित मानकों के आधार पर खरीदी सुनिश्चित होनी चाहिए।

किसानों का कहना है कि यदि उत्पादन अधिक है तो समर्थन मूल्य का लाभ भी पूरी उपज पर मिलना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।

आंदोलन में रोज अपनाए जा रहे नए तरीके

कृषि उपज मंडी परिसर में चल रहे इस धरने के दौरान किसान प्रतिदिन अलग-अलग माध्यमों से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। मंगलवार को आंदोलनकारियों ने दंडवत यात्रा निकालकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की थी। वहीं इससे पहले धरना स्थल पर हवन-पूजन कर खरीदी नीति में बदलाव की मांग उठाई गई थी।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना

भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक मूंग खरीदी से जुड़ी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

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