मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की औपचारिक घोषणा के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। यह सीट कांग्रेस के तत्कालीन विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी।
करीब तीन महीने पहले सदस्यता रद्द होने के बाद अब चुनावी बिगुल बजते ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यह उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की राजनीतिक ताकत की भी परीक्षा माना जा रहा है।
भाजपा की नजर खोई सीट वापस हासिल करने पर
दतिया विधानसभा सीट लंबे समय तक भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा यहां लगातार तीन बार विधायक रहे थे। हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने उन्हें 7,742 वोटों से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया था।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा इस उपचुनाव में एक बार फिर नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार बना सकती है। हालांकि पार्टी ने अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन प्रदेश नेतृत्व के साथ हालिया बैठकों और मिश्रा की क्षेत्र में बढ़ी सक्रियता को उनकी संभावित उम्मीदवारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस में प्रत्याशी को लेकर मंथन
कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा सवाल उम्मीदवार के चयन का है। पार्टी के भीतर पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के पुत्र का नाम प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय में उनकी कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात भी कराई गई थी। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान की मंजूरी के बाद ही होगा।
दतिया सीट क्यों हुई रिक्त?
दतिया विधानसभा सीट सहकारी ग्रामीण विकास बैंक से जुड़े कथित फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) अनियमितता मामले के कारण खाली हुई। आरोप है कि बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर कर कुछ एफडी की अवधि बढ़ाई गई और वर्षों तक ब्याज राशि निकाली जाती रही।
दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने 1 अप्रैल 2026 को राजेंद्र भारती को इस मामले में तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद 2 अप्रैल 2026 को विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर सीट रिक्त घोषित कर दी।
2023 के चुनाव में हुआ था बड़ा उलटफेर
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अंतिम समय में उम्मीदवार बदलते हुए राजेंद्र भारती को मैदान में उतारा था। उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा को 7,742 मतों के अंतर से हराकर प्रदेश की सबसे चर्चित चुनावी जीत दर्ज की थी।
चुनावी घोषणा के बाद बयानबाजी भी तेज
उपचुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि दतिया की जनता एक बार फिर कांग्रेस के पक्ष में फैसला देगी।
दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि रिक्त सीट पर समयबद्ध चुनाव कराना निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है और पार्टी इस सीट को दोबारा जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
दतिया उपचुनाव 2026: पूरा कार्यक्रम
| चरण | तारीख |
|---|---|
| अधिसूचना जारी | 6 जुलाई 2026 |
| नामांकन की अंतिम तिथि | 13 जुलाई 2026 |
| नामांकन पत्रों की जांच | 14 जुलाई 2026 |
| नाम वापस लेने की अंतिम तिथि | 16 जुलाई 2026 |
| मतदान | 30 जुलाई 2026 |
| मतगणना | 3 अगस्त 2026 |
क्या रहेगा सबसे बड़ा मुकाबला?
दतिया उपचुनाव में सबसे बड़ी नजर भाजपा के संभावित उम्मीदवार नरोत्तम मिश्रा की वापसी और कांग्रेस के प्रत्याशी चयन पर रहेगी। यदि भाजपा मिश्रा को मैदान में उतारती है और कांग्रेस राजेंद्र भारती के परिवार पर दांव खेलती है, तो यह मुकाबला प्रदेश की सबसे चर्चित चुनावी लड़ाइयों में शामिल हो सकता है।