देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे और अफवाहें वायरल हो रही हैं। कहीं कहा जा रहा है कि इससे इंजन जल्दी खराब हो जाता है, तो कहीं माइलेज में भारी गिरावट और वाहन की वारंटी खत्म होने जैसी बातें कही जा रही हैं। इन दावों के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी कर कहा है कि E20 को लेकर प्रसारित की जा रही कई बातें वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और लोगों को भ्रमित कर सकती हैं।
E20 पेट्रोल क्या है और इसे क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है?
E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। इथेनॉल एक जैव ईंधन (बायोफ्यूल) है, जिसे गन्ना, मक्का और अतिरिक्त खाद्यान्न जैसे कृषि स्रोतों से तैयार किया जाता है।
सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना, किसानों को अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराना और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को घटाना है। सरकार के अनुसार भारत ने 2025-26 के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है।
क्या E20 से इंजन खराब होता है?
मंत्रालय के मुताबिक, इस दावे की पुष्टि किसी वैज्ञानिक अध्ययन में नहीं हुई है। सरकार का कहना है कि ऑटोमोबाइल उद्योग, तेल कंपनियों और परीक्षण एजेंसियों की भागीदारी से विभिन्न वाहनों पर किए गए परीक्षणों में E20 के कारण बड़े पैमाने पर इंजन फेल होने या वाहन खराब होने जैसी समस्या सामने नहीं आई।
सरकार का कहना है कि कुछ पुराने मॉडलों में रबर या गैस्केट जैसे कुछ पुर्जों को बदलने की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन E20 के अनुकूल वाहनों में सामान्य उपयोग के दौरान ऐसी कोई व्यापक तकनीकी समस्या दर्ज नहीं हुई है।
माइलेज कम होने का दावा कितना सही है?
सरकार का कहना है कि E20 के इस्तेमाल से माइलेज में भारी गिरावट आने का दावा सही नहीं है। मंत्रालय के अनुसार किसी भी वाहन का माइलेज केवल ईंधन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि ड्राइविंग स्टाइल, टायर प्रेशर, वाहन की सर्विसिंग, ट्रैफिक और एयर कंडीशनर के उपयोग जैसे कई कारकों से प्रभावित होता है।
हालांकि, इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से कुछ कम होने के कारण कुछ परिस्थितियों में मामूली अंतर महसूस हो सकता है, लेकिन इसे लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे अतिरंजित दावे सही नहीं हैं। सरकार का यह भी कहना है कि इथेनॉल की ऑक्टेन रेटिंग अधिक होने से इंजन नॉकिंग कम हो सकती है और E20-अनुकूल वाहनों में प्रदर्शन बेहतर हो सकता है।
क्या E20 से वाहन की वारंटी या बीमा खत्म हो जाता है?
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि वाहन निर्माता ने किसी मॉडल को E20 के अनुकूल घोषित किया है, तो E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहन की वारंटी या बीमा स्वतः समाप्त नहीं होता।
मंत्रालय के अनुसार वाहन निर्माता कंपनियों और उद्योग संगठनों ने भी इस संबंध में भ्रम फैलाने वाले दावों को गलत बताया है।
इथेनॉल बनाने में हजारों लीटर पानी खर्च होने का दावा सही है?
सरकार ने यह दावा भी खारिज किया है कि एक लीटर इथेनॉल बनाने में 10,000 लीटर पानी खर्च होता है। मंत्रालय के अनुसार खेती में उपयोग होने वाले पूरे पानी को इथेनॉल उत्पादन से जोड़ना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। अतिरिक्त कृषि उपज का उपयोग इथेनॉल उत्पादन में किया जाता है। सरकार का कहना है कि आधुनिक उत्पादन संयंत्रों में एक लीटर इथेनॉल बनाने की प्रक्रिया में सामान्यतः 3 से 5 लीटर पानी की आवश्यकता होती है और कई इकाइयों में पानी का पुनर्चक्रण भी किया जाता है।
सरकार ने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में इथेनॉल उत्पादन में मक्के की हिस्सेदारी बढ़ी है, जो धान की तुलना में अपेक्षाकृत कम पानी की फसल मानी जाती है।
EBP कार्यक्रम से सरकार के अनुसार क्या लाभ हुए?
सरकार के अनुसार इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम से देश को कई आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ मिले हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2014-15 से मई 2026 तक:
- 1.91 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई।
- किसानों को 1.62 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया।
- लगभग 931 लाख मीट्रिक टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आई।
- करीब 310 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात का विकल्प तैयार हुआ।
सरकार ने क्या कहा?
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि E20 कार्यक्रम वैज्ञानिक परीक्षणों, उद्योग परामर्श और लगातार निगरानी के आधार पर लागू किया जा रहा है। मंत्रालय ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर विश्वास करने की अपील की है। साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में E20 से अधिक इथेनॉल मिश्रण पर कोई भी निर्णय व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण और संबंधित विशेषज्ञ संस्थाओं की सिफारिश के बाद ही लिया जाएगा।