Wednesday, 8 July

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, उद्योग और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई और मंत्रियों को सरकार की आगामी प्राथमिकताओं से भी अवगत कराया गया।

केंद्रीय पूल से बाहर रहने वाली उपज की होगी नीलामी

मुख्यमंत्री ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदे गए गेहूं, धान, बाजरा और ज्वार में से जिस स्टॉक को केंद्र सरकार केंद्रीय पूल में शामिल नहीं करेगी, उसे राज्य सरकार नीलामी के माध्यम से बेचेगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से परिवहन, भंडारण और रखरखाव पर होने वाला अतिरिक्त खर्च कम किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई उपज के कारण राज्य पर लगभग 65 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय भार है।

हर जिले में विकसित होंगे छोटे IT क्लस्टर

राज्य सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न जिलों में छोटे IT क्लस्टर विकसित करने की योजना बनाई है। इन क्लस्टरों में उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सरदार सरोवर परियोजना का पुराना भुगतान विवाद सुलझा

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरदार सरोवर परियोजना से जुड़ा वर्षों पुराना भुगतान विवाद सुलझा लिया गया है। समझौते के अनुसार, मध्य प्रदेश बांध निर्माण लागत में अपने हिस्से के रूप में गुजरात को 217 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती विभागीय स्तर पर होगी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग एक वर्ष तक अपने स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करेगा। नियुक्त चिकित्सकों को कम से कम तीन वर्ष तक संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं देना अनिवार्य होगा। इसके बाद उनका स्थानांतरण सामान्य प्रक्रिया के तहत किया जा सकेगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछली कैबिनेट बैठक में 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आउटसोर्सिंग आधारित पायलट परियोजना शुरू करने का निर्णय लिया गया था।

10 साल बाद शुरू हुई पदोन्नति प्रक्रिया पर जताई खुशी

बैठक में मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने प्रदेश में लगभग एक दशक बाद पदोन्नति प्रक्रिया दोबारा शुरू होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन किया। राज्य में मई 2016 से पदोन्नतियां रुकी हुई थीं, जिन्हें 1 जुलाई 2026 से फिर शुरू कर दिया गया है।

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