Saturday, 11 July

मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की उम्मीदवार घोषणा के साथ ही पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। भाजपा ने सभी अटकलों को पीछे छोड़ते हुए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया, जबकि पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिला। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों ने दतिया में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और झांसी-ग्वालियर हाईवे पर जाम लगाकर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के चलते हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, शाम से शुरू हुआ प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा और कई किलोमीटर तक ट्रैफिक प्रभावित रहा। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली कराने की कोशिश की, लेकिन देर तक कोई समाधान नहीं निकल सका।

भाजपा संगठन में भी बढ़ी हलचल

टिकट वितरण को लेकर नाराजगी केवल कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रही। दतिया भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित जिला संगठन के कई पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए। इसके अलावा भाजपा के कई पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने भी विरोध स्वरूप पद छोड़ने की घोषणा की। लगातार बढ़ते इस्तीफों ने उपचुनाव से पहले भाजपा की स्थानीय इकाई में हलचल तेज कर दी है।

नरोत्तम मिश्रा को माना जा रहा था प्रमुख दावेदार

दतिया उपचुनाव की घोषणा के बाद पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भाजपा का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था। वे क्षेत्र में सक्रिय होकर कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क भी कर रहे थे। राजनीतिक चर्चाओं में अवधेश नायक और घनश्याम सिंह के नाम भी सामने आए थे, लेकिन अंतिम चरण में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित कर सभी राजनीतिक अटकलों को बदल दिया।

दूसरी ओर कांग्रेस को भी लगा कानूनी झटका

दतिया उपचुनाव से पहले कांग्रेस के लिए भी बड़ी कानूनी चुनौती सामने आई है। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग को दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार, 10 जुलाई को खारिज कर दिया। अदालत ने उनकी सजा पर रोक लगाने और उपचुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने संबंधी राहत देने से इनकार कर दिया।

राजेंद्र भारती को ग्रामीण विकास बैंक से जुड़े धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। हालांकि, सजा के बाद उन्हें ट्रायल कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद ही दतिया सीट पर उपचुनाव की नौबत आई। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना प्रस्तावित है।

Share.
Exit mobile version