Sunday, 7 June

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की असिस्टेंट प्रोफेसर कम्प्यूटर साइंस भर्ती परीक्षा-2024 से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत की खबर सामने आई है। जबलपुर हाईकोर्ट ने आयोग को परीक्षा परिणाम घोषित करने की सशर्त अनुमति दे दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई याचिका दायर नहीं की है, उनके परिणाम जारी किए जा सकते हैं। वहीं, कोर्ट में याचिका लगाने वाले उम्मीदवारों के परिणाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे और उन्हें सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा जाएगा। यह व्यवस्था मामले में अंतिम न्यायिक निर्णय आने तक लागू रहेगी।

क्या कहा हाईकोर्ट ने

मामले की सुनवाई जस्टिस प्रणय वर्मा और जस्टिस जेके पिल्लई की डिवीजन बेंच के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवाद और लंबित याचिकाओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित आदेश पारित किया।

कोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रोकना उचित नहीं होगा, क्योंकि बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी हैं जिनका विवाद से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इसलिए आयोग उनके परिणाम घोषित कर सकता है। हालांकि, याचिकाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए उनके परिणाम अलग रखे जाएंगे।

याचिकाकर्ताओं के लिए क्या रहेगा नियम

अदालत के आदेश के अनुसार जिन उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, उनके परिणाम सार्वजनिक डोमेन में जारी नहीं किए जाएंगे। आयोग उनके परिणाम तैयार कर सीलबंद लिफाफे में रखेगा। बाद में कोर्ट के अंतिम फैसले के आधार पर इन परिणामों पर निर्णय लिया जाएगा।

भर्ती प्रक्रिया पर क्या पड़ेगा असर

हाईकोर्ट के इस आदेश से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे थे। परिणाम जारी होने का रास्ता साफ होने से भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। दूसरी ओर, विवाद से जुड़े अभ्यर्थियों का भविष्य अब अदालत के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।

मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। इस दौरान MPPSC गैर-याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों के परिणाम जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है। वहीं, याचिकाकर्ताओं से संबंधित मुद्दों पर अदालत में विस्तृत सुनवाई जारी रहेगी। अंतिम निर्णय आने के बाद ही उनके परिणाम और भर्ती प्रक्रिया में उनकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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