अगर आप भी हर महीने आने वाले बिजली बिल से राहत पाने के लिए अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी का लाभ लेने के लिए अब सीमित समय बचा है। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्तमान व्यवस्था के तहत सब्सिडी का लाभ 31 मार्च 2027 तक लिया जा सकता है।
सरकार ने इस योजना की शुरुआत फरवरी 2024 में देशभर में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और घरेलू बिजली खर्च कम करने के उद्देश्य से की थी।
उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा सोलर अपनाने का ट्रेंड
प्रदेश में इस योजना को लेकर लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में प्रदेश में पहले स्थान पर है। यहां हजारों घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जिससे बड़ी मात्रा में हरित ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।
वहीं वाराणसी भी इस दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शहर में बड़ी संख्या में घरों पर सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वच्छ बिजली उत्पादन को मजबूती मिली है। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आ रही है बल्कि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी घट रही है।
2 किलोवाट सोलर प्लांट पर कितना खर्च और कितनी सब्सिडी?
सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी सोलर सिस्टम की लागत को काफी हद तक कम कर देती है।
2 किलोवाट सोलर प्लांट
- अनुमानित कुल लागत: लगभग ₹1.20 लाख
- केंद्र सरकार की सब्सिडी: ₹60,000
- उत्तर प्रदेश सरकार की सब्सिडी: ₹30,000
- कुल सरकारी सहायता: ₹90,000
इस तरह उपभोक्ता को अपनी जेब से लगभग ₹30,000 का खर्च करना पड़ता है।
3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर कितना लाभ?
3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलाकर अधिकतम ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे बड़े परिवारों और अधिक बिजली खपत वाले घरों को भी योजना का लाभ लेने में आसानी हो रही है।
क्या 31 मार्च 2027 के बाद योजना पूरी तरह बंद हो जाएगी?
योजना की शुरुआत के समय केंद्र सरकार ने देशभर में 1 करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया था। इसके लिए लगभग तीन वर्षों की समयसीमा निर्धारित की गई थी, जो 31 मार्च 2027 को पूरी हो रही है।
हालांकि, सोलर ऊर्जा क्षेत्र में लगातार बढ़ती भागीदारी और भविष्य की बिजली जरूरतों को देखते हुए योजना के भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान लक्ष्य अवधि समाप्त होने के बाद भी सरकार सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए योजना के स्वरूप, लक्ष्य या लाभों में बदलाव कर सकती है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि 31 मार्च 2027 के बाद योजना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
सोलर लगवाने का सही समय क्यों माना जा रहा है?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा सब्सिडी संरचना के चलते घरेलू सोलर सिस्टम की लागत काफी कम हो गई है। इसके साथ ही:
- बिजली बिल में लंबे समय तक बचत संभव होती है।
- स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा का उपयोग बढ़ता है।
- बिजली दरों में भविष्य की बढ़ोतरी का असर कम पड़ता है।
- घर की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ती है।