वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड एक प्रतिशत से अधिक टूट गया और जून महीने में इसकी गिरावट करीब 12.7% तक पहुंच गई। यदि मौजूदा रुझान बरकरार रहता है तो अक्टूबर 2008 के बाद यह सोने की सबसे बड़ी मासिक गिरावट होगी। साथ ही, यह लगातार चौथा महीना होगा जब गोल्ड ने नकारात्मक प्रदर्शन दर्ज किया है।
स्पॉट गोल्ड शुरुआती कारोबार में करीब 1.5% फिसलकर 3,956.92 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अगस्त डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी लगभग 1.7% टूटकर 3,969.30 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करते दिखे।
क्यों कमजोर पड़ा गोल्ड?
आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मानते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर अलग दिखाई दे रही है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के साथ-साथ अमेरिकी महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं ने निवेशकों का रुख बदल दिया है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भी सोने की मांग पर दबाव बढ़ाया है।
ब्याज दरें और डॉलर कैसे डाल रहे हैं असर?
कमोडिटी बाजार के विश्लेषकों का कहना है कि ऊंची ब्याज दरें सोने जैसे ऐसे निवेश की आकर्षण क्षमता घटा देती हैं, जिस पर ब्याज नहीं मिलता। दूसरी ओर, मजबूत डॉलर की वजह से अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग कमजोर पड़ सकती है। यही कारण है कि इस बार सुरक्षित निवेश की मांग भी कीमतों को सहारा नहीं दे सकी।
निवेशकों की नजर अब किन आंकड़ों पर?
बाजार की अगली बड़ी दिशा अमेरिकी रोजगार से जुड़े आंकड़े तय कर सकते हैं। इस सप्ताह जारी होने वाले ADP Employment Report और Non-Farm Payroll (NFP) के आंकड़ों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली मौद्रिक नीति का संकेत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल बाजार में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्ष 2026 के दौरान अमेरिकी फेड तीन बार ब्याज दरें बढ़ा सकता है। सितंबर में दर बढ़ने की संभावना भी बाजार लगभग 64% मान रहा है।
आगे क्या रह सकता है रुझान?
बाजार विशेषज्ञ एडवर्ड मीर के अनुसार, यदि अमेरिकी डॉलर मजबूत बना रहता है और ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख जारी रहता है, तो सोने में तेज रिकवरी की संभावना सीमित रह सकती है। उनका अनुमान है कि वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगभग 3,500 डॉलर से 4,400 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार कर सकता है।
नोट: सोने की कीमतें वैश्विक आर्थिक घटनाओं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, डॉलर इंडेक्स और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर तेजी से बदल सकती हैं। निवेश से पहले नवीनतम बाजार भाव और वित्तीय सलाह अवश्य लें।
