भारत की सबसे बड़ी एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स कंपनी Adani Ports and Special Economic Zone (APSEZ) ने अपने बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को अगले स्तर पर ले जाने के लिए 850 मिलियन डॉलर (लगभग 7,000 करोड़ रुपये से अधिक) के निवेश की योजना बनाई है। यह निवेश तकनीकी उन्नयन, डीकार्बोनाइजेशन (कार्बन उत्सर्जन में कमी) और क्षमता विस्तार पर केंद्रित होगा।
कंपनी ने अमेरिकी तकनीकी फर्म Kaleris के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने की घोषणा की है, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित समाधान पूरे पोर्ट नेटवर्क में लागू किए जाएंगे।
15 कंटेनर टर्मिनलों में लागू होगी AI तकनीक
कंपनी के अनुसार, बहुवर्षीय समझौते के तहत Kaleris अपनी टर्मिनल ऑपरेटिंग सिस्टम (TOS) और AI-संचालित कंटेनर हैंडलिंग व ऑप्टिमाइजेशन तकनीकों को APSEZ के 15 कंटेनर टर्मिनलों में तैनात करेगी। ये टर्मिनल भारत और विदेशों के कुल 9 बंदरगाहों में फैले हुए हैं।
पहले चरण में छह बंदरगाहों पर तकनीक लागू की जा चुकी है। अब इसे पूरे नेटवर्क में विस्तार दिया जाएगा ताकि संचालन, योजना, ऑटोमेशन और संसाधन प्रबंधन को और अधिक स्मार्ट बनाया जा सके।
100 मिलियन डॉलर तक का निवेश केवल ऑटोमेशन के लिए
850 मिलियन डॉलर के कुल निवेश में से करीब 100 मिलियन डॉलर तक की राशि दो चरणों में Kaleris साझेदारी के माध्यम से खर्च की जाएगी। इसका उद्देश्य बंदरगाह संचालन में ऑटोमेशन और दक्षता बढ़ाना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक समुद्री व्यापार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच AI आधारित पोर्ट संचालन जहाजों की आवाजाही, कंटेनर प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उत्पादकता में कितना होगा फायदा?
कंपनी का दावा है कि नई तकनीक लागू होने के बाद:
- रबर टायर्ड गैन्ट्री (RTG) क्रेन की उत्पादकता में 20% तक सुधार संभव है।
- टर्मिनल ट्रकों की उत्पादकता में 14% तक वृद्धि हो सकती है।
- जहाजों के टर्नअराउंड टाइम में कमी आएगी।
- कंटेनर यार्ड की क्षमता का बेहतर उपयोग होगा।
- कार्गो मूवमेंट अधिक पूर्वानुमेय और भरोसेमंद बनेगा।
APSEZ CEO ने क्या कहा?
APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) Ashwani Gupta ने कहा कि बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त का अगला चरण AI-संचालित ऑटोमेशन से तय होगा।
उन्होंने बताया कि कंपनी पहले से ही “शोर-टू-डोर” डिजिटल प्लेटफॉर्म संचालित कर रही है, जो ट्रैक-एंड-ट्रेस तथा कमांड-एंड-कंट्रोल क्षमताएं प्रदान करता है। Kaleris के साथ एकीकरण से उत्पादकता और ग्राहक अनुभव को और बेहतर बनाया जाएगा।
Kaleris का क्या कहना है?
Kaleris के अध्यक्ष और CEO Kirk Knauff के अनुसार, APSEZ बड़े पैमाने पर AI-सक्षम पोर्ट नेटवर्क के प्रभाव को प्रदर्शित कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी 15 टर्मिनलों तक विस्तार इस साझेदारी के सफल परिणामों और आपसी विश्वास को दर्शाता है।
AI, IoT और कंप्यूटर विजन पर बढ़ रहा फोकस
APSEZ का कहना है कि जैसे-जैसे कार्गो वॉल्यूम बढ़ रहे हैं और सप्लाई चेन अधिक जटिल होती जा रही है, कंपनी AI, Internet of Things (IoT), कंप्यूटर विजन और एडवांस्ड ऑप्टिमाइजेशन टूल्स में निवेश बढ़ा रही है।
इन तकनीकों की मदद से:
- रियल-टाइम विजिबिलिटी मिलेगी।
- संसाधनों का बेहतर आवंटन होगा।
- निर्णय लेने की गति बढ़ेगी।
- लॉजिस्टिक्स संचालन अधिक कुशल बनेगा।
2030 तक क्या है APSEZ का लक्ष्य?
APSEZ ने 2030 तक प्रति वर्ष 1 अरब टन (One Billion Tonnes) कार्गो हैंडलिंग क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। कंपनी का मानना है कि AI, ऑटोमेशन और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
