Author: Shailja Dubey

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल लोगों को सही दिशा देने में कर सकें।" इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। अभी मैं दैनिक अपडेट, मनोरंजन, सामान्य ज्ञान और जीवनशैली समेत अन्य विषयों पर काम कर रही हूं।

कार, बस या ट्रक का गति (वेग) ज्ञात करने के लिए जो यंत्र प्रयोग होता है, उसे वेगमापी (Speedo-meter) कहते हैं. सभी मोटरगाड़ियों में यह यंत्र चालक के सामने पेनल पर लगा होता है. यह गाड़ी का वेग किलोमीटर प्रति घंटा या मील प्रति घंटा में प्रदर्शित करता है. गाड़ी का गति यंत्र के डायल पर लगे संकेतक द्वारा प्रदर्शित होता है. डायलों पर 0 से 100 तक के अंक लिखे होते हैं. संकेतक जिस अंक तक आता है, वही मोटरगाड़ी का वेग होता है. अधिकतर वेगमापियों में एक ओडोमीटर (Odometer) भी होता है, जो गाड़ी द्वारा तय की गई…

Read More

क्रेन (Crane) एक ऐसी मशीन है, जो भारी बोझ उठाने के काम आती है. यह मशीन मुख्यतौर पर भवन और पुल-निर्माण में भारी बोझों को उठाने, ऊंचाई तक पहुंचाने और इधर-उधर खिसकाने के काम आती है. इस मशीन की बनावट लंबी गर्दन वाले सारस (Crane) पक्षी से मिलती है, इसीलिए इसका नाम क्रेन रखा गया. यद्यपि क्रेन का इस्तेमाल प्राचीन काल से ही होता आ रहा है, लेकिन इसका आम इस्तेमाल 19वीं शताब्दी में भाप के इंजन, पेट्रोल-इंजन तथा विद्युत मोटरों के विकास के बाद ही हुआ. मूलरूप से क्रेन दो प्रकार की होती हैं: 1. स्थिर तथा 2. गतिशील.…

Read More

सापेक्षिता का सिद्धांत (Theory of Relativity) से वस्तुओं की गति से संबंध रखता है. संक्षेप में यह सिद्धांत निरपेक्ष गति तथा निरपेक्ष त्वरण के अस्तित्व की असंभावना स्थापित करता है. इस सिद्धांत का प्रतिपादन 20वीं सदी के आरंभ में जर्मनी के प्रसिद्ध वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein) ने किया था. इस के दो पक्ष हैं. पहले पक्ष को विशिष्ट सिद्धांत (Special Theory of Relativity) कहते हैं. यह सन् 1905 में प्रतिपादित किया गया था. दूसरे पक्ष का व्यापक सिद्धांत (General Theory of Relativity) कहते हैं. यह सन् 1915 में प्रतिपादि किया गया था. सापेक्षिता का विशिष्ट सिद्धांत वस्तुओं की गति…

Read More

बाइनाकुलर दूर की वस्तुओं को बड़े आकार में दिखाने वाला यंत्र है, इसमें दोनों आंखों से देखा जाता है बाइनाकुलर्स (Binoculars) या दूरबीन एक प्रकार के दूर- बा दर्शियों का जोड़ा होता है, जो एक ही फ्रेम में लगा रहता है. यह दूर की वस्तुओं को नजदीक और आवर्द्धित करके दिखाता है. बाइनाकुलर्स में लगे दोनों दूरदर्शी एक जैसे होते हैं और प्रत्येक दूरदर्शी एक आंख के लिए होता है. प्रत्येक दूरदर्शी एक कीप के आकार की नली जैसा होता है. इसमें एक अभिदृश्यक लेंस और एक नेत्रिका लेंस होता है. अभिदृश्यक लेंस वस्तु की ओर रखा जाता है और…

Read More

पेट्रोल ऊर्जा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्रोत होने और बहुत तरह के कार्यों में इस्तेमाल होने के कारण पूरे संसार आज सबसे अधिक आवश्यक वस्तु बन गया है. लेकिन क्या आपको पता है कि पेट्रोल क्या है और इसका उत्पादन कैसे किया जाता है? पेट्रोल, हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon) का एक पेंचीदा मिश्रण है जो कि भूमि के नीचे से कुंआ खोद कर निकाला जाता है. यह प्रायः द्रव या गैस के रूप में मिलता है. वैज्ञानिकों द्वारा कहा जाता है कि हजारों-लाखों वर्ष पूर्व पृथ्वी के जो पेड़-पौधे और जीवधारी दलदल के नीचे दब गए थे. उन्होंने धरती के दबाव तथा…

Read More

अम्ल (Acid) या तेजाब ऐसे पदार्थ हैं, जिनका स्वाद खट्टा होता है, तथा ये नीले लिटमस को लाल कर देते हैं. कुछ धातुओं के साथ क्रिया करके ये हाइड्रोजन गैस बनाते हैं. क्षारों के साथ क्रिया करके ये लवण बनाते हैं. अम्ल मुख्य रूप से दो प्रकार के होते है: अकार्बनिक अम्ल और कार्बनिक अम्ल. कार्बनिक अम्लों में विशेषकर कार्बन होता है और अकार्बनिक अम्लों में कार्बन नहीं होता. कोई भी अम्ल पानी में घुलने पर हाइड्रोजन आयन पैदा करता है. नमक गंधक और शोरे के अम्ल अकार्बनिक अम्लों की श्रेणी में आते हैं. ये बहुत ही तेज अम्ल हैं.…

Read More

मिस्र की राजधानी काहिरा (Cairo Capital of Egypt) से लगभग 12 किमी. की दूरी पर, रेगिस्तान में स्फिंक्स (egyptian sphinx) की विशाल मूर्ति विराजमान है. ऐसा लगता है, जैसे यह गीजा के तीन पिरामिडों (3 pyramids of giza) की चौकीदारी कर रही हो. एक समय था, जब यह केवल चट्टान थी और गीजा के पिरामिडों के निर्माण के समय इसे चट्टान के रूप में ही छोड़ दिया गया था. बाद में शिल्पकारों ने इसे शेर की मूर्ति के रूप में तराश कर तैयार किया. इसका सिर आदमी के सिर के समान है. इसकी आंखें अत्यंत रहस्यपूर्ण हैं. यह रेगिस्तान की ओर…

Read More

सूर्य के रंगहीन प्रकाश को यदि किसी प्रिज्म में से गुजारा जाए तो यह सात रंगों में विभाजित हो जाता है, ये सात रंग हैं- बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, नारंगी और लाल. सात रंगों की इस पट्टी को वर्णक्रम या स्पैक्ट्रम कहते हैं. प्रकाश की ये किरणें तरंगों के रूप में यात्रा करती हैं. इन तरंगों को विद्युत-चुंबकीय तरंगें कहते हैं. ये तरंगें कंपनों के फलस्वरूप पैदा होती हैं. प्रत्येक रंग की अलग- अलग आवृत्ति (Frequency) होती है. आवृत्ति को हर्ट्ज (Hertz) इकाई में मापा जाता है. यदि कोई वस्तु एक सेकेंड में एक कंपन करती है, तो उसकी आवृत्ति…

Read More

पनामा नहर के कारण अमेरिका के एक समुद्र तट से दूसरे तट तक की दूरी में 8,000 नाटिकल मील की कमी हो गई है पनामा और स्वेज नहर संसार के दो प्रसिद्ध कृत्रिम जालमार्ग हैं. इन दोनों में पनामा नहर अधिक महत्वपूर्ण है. यह एक अंतरसागरीय जलमार्ग है, जो अंधमहासागर और प्रशांत महासागर को एक दूसरे से जोड़ता है. पनामा नहर लगभग 82 किमी. (51 मील) लंबी है. यह संयुक्त राज्य अमेरिका के अधिकार में है और इसका संचालन इसी देश के द्वारा होता है. नहर के दोनों सिरों पर छोटे सागरीय स्तर के दो भाग हैं, जहाजों को समुद्री…

Read More

कन्फ्यूशियस (551-479 ईसा पूर्व) प्राचीन चीन का एक महान विचारक और नैतिक गुरु थे आज से ढाई हजार वर्ष पूर्व जब महात्मा बुद्ध और जैन तीर्थंकर महावीर अपने-अपने धर्मसूत्रों का प्रचार भारत में कर रहे थे, लगभग उसी काल में, संत कन्फ्यूशियस चीन में धर्म की पुनर्स्थापना करने का प्रयास कर रहे थे. इसे एक विडंबना ही माना जाएगा कि जहां जैन और बौद्ध धर्म को भारत में तत्काल मान्यता प्राप्त हुई, कन्फ्यूशियस के धर्म को मान्यता लगभग 500 वर्ष बाद मिली. कन्फ्यूशियस अपने समय के महान नैतिकवादी विचारक और समाज-सुधारक थे. विश्व के चोटी के दार्शनिकों में उनकी गणना…

Read More