Author: Sanjay Saxena

बीएससी बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

भोपाल। शहर के शाहजहांनाबाद में स्थित गोलाकार भवन है, जिसे कहते हैं गोलघर। ये पहले गुलशन-ए-आलम के नाम से भी जाना जाता था। इसका निर्माण नवाब शाहजहां बेगम द्वारा सन 1868 से 1901 के मध्य उनके शासनकाल में करवाया गया था। इन्हें लकड़ी के खंभों पर साधा गया है। मूल रूप से इसमें पर्शियन शैली के बगीचा था जिसे जन्नत बाग नाम से जाना जाता था।पूर्व में इसमें शाह जहां बेगम का कार्यालय था जिसे बाद में चिड़ियाघर के रूप में उपयोग किया गया। इसमें विभिन्न पक्षियों का संग्रह किया जाता था। कहा जाता है कि नवाब शाहजहां बेगम के…

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को शीर्ष अदालत को बताया कि वह छह महिला न्यायिक अधिकारियों को असंतोषजनक प्रदर्शन के लिए उनकी सेवाओं से बर्खास्त करने के अपने पहले के फैसले पर कायम है। सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय से कहा था कि वह तीन हफ्ते के भीतर फैसला करे कि क्या वह इन न्यायिक अधिकारियों की सेवाओं को खत्म करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकता है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ सुनवाई कर रही थी। उच्च न्यायालय की ओर से पेश वकील ने पीठ को फैसले के बारे में बताया।…

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Bhopal. शिवराज सिंह चौहान वाला प्लान नहीं चलेगा। मोहन यादव वाला बनेगा, और वही लागू होगा। शायद नई सरकार का यही मानना है। और इस पर क्रियान्वयन भी शुरू कर दिया गया है। पहले जब अधिकारियों ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मास्टर प्लान को लेकर चर्चा की तो उन्होंने साफ कहा कि ये मास्टर प्लान नहीं चलेगा।  आज नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कृष्णा गौर समेत सांसद-विधायकों की मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि भोपाल के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट नए सिरे से बनेगा। शहर की साल 2047 की आबादी के हिसाब से तैयार होगा।  मौजूदा ड्राफ्ट को…

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जबलपुर । स्थित हाई कोर्ट आफ मध्य प्रदेश के विद्वान न्यायाधीश श्री जीएस अहलूवालिया की सिंगल बेंच ने नरसिंहपुर के कलेक्टर और सपा को कोर्ट रूम में बुलाकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि किसी भी डॉक्यूमेंट पर सिग्नेचर करने से पहले विवेक का इस्तेमाल किया करो। मामला एक व्यक्ति की जिला बदर की कार्रवाई का है। उसके खिलाफ मात्र 2 अपराधिक मामले दर्ज हैं, इसके बाद भी जिला बदर की कार्रवाई कर दी गई। गाडरवारा के किसान बृजमोहन उर्फ बिरजू कौरव को एसपी के प्रतिवेदन पर तत्कालीन कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी ऋजु बाफना ने जिलाबदर कर दिया था। इस आदेश के…

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भोपाल। साइबर क्राइम ब्रांच ने ग्राम कोयली थाना जेरोन तहसील पृथवीपुर जिला निवाडी के रहने वाले 22 वर्षीय सौरभ बिलगैया और 23 वर्षीय हरबल कुशवाहा नाम के दो जालसाज युवकों को गिरफ्तार किया है। नौवीं और 12 वीं पास यह दोनों प्रदेश के अलग – अलग जिलों में शिक्षक , इंजीनियर और शासकीय विभाग के लिपिक को तबादला होने की जानकारी देकर बाद में ट्रांसफर रूकवाने का झांसा देकर रुपये ऐंठ रहे थे।आरोपित इतने ज्यादा शातिर हैं कि उन्होंने पुलिस कर्मियों से भी रुपये लेने की कोशिश की, लेकिन वह उनकी बातों में नहीं आए हैं। चौंकाने वाली बात यह…

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भोपाल । राज्यपाल मंगुभाईं पटेल ने डॉ. नरेन्द्र कुमार कोष्टी, प्राध्यापक (अर्थशास्त्र), अवधेश प्रताप सिंह विश्ववि‌द्यालय, रीवा को, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग का सदस्य नियुक्त किया है। 

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भोपाल। मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एंड लाजिस्टिक कारपोरेशन ने भंडारण में अनियमितताओं को लेकर पूरे मध्यप्रदेश के कई जिलों में कुल 176 वेयर हाउस को ब्लैक लिस्टेड किया गया है। जिसमें जबलपुर के भी 20 वेयर हाउस ब्लैक लिस्ट किए गए हैं। सबसे बड़ी बात इन ब्लैक लिस्टेड किए गए वेयर हाउस में जो आरोप लगे हैं वह गंभीर अनियमिताओं की श्रेणी में आते हैं। वैसे ये भी कहा जा रहा है कि ब्लैक लिस्ट करने का एक कारण अडानी के सायलो बैग वाला मामला भी है। प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से अनाज के भंडारण में अडानी की कंपनी के साइलो…

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भोपाल। जल संसाधन विभाग में कहने को एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधीक्षण यंत्री मौजूद हैं, इसके बावजूद एक बार फिर एक सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री शिरीष मिश्रा को इसी पद पर संविदा नियुक्ति प्रदान की गई है। साथ ही उन्हें विभाग का मुखिया भी बना दिया गया है। जबकि दूसरी तरफ विभाग में मौजूद अधीक्षण यंत्रियोंं को मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नति भी नहीं दी जा रही है। कोटे वाले अफसर होने के कारण ही उन्हें प्रमुख अभियंता का प्रभार भी नही दिया जा रहा है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार शिरीष मिश्रा सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री (सिविल) को कार्यभार…

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