भोपाल के मानस भवन में शनिवार को आयोजित शालिग्राम तोमर स्मृति राष्ट्रसेवी सम्मान कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद “सब संघ के हो गए”। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई अधिकारी खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा बताने लगते हैं। कार्यक्रम के दौरान दिया गया उनका यह बयान अब प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार बनने के बाद जब भी कोई अधिकारी उनसे मिलने आता है, वह अपने परिवार या स्वयं के संघ से जुड़े होने का उल्लेख करता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि एक अधिकारी ने उनसे कहा कि उसके पिता शाखा के अध्यक्ष थे, जबकि शाखा में अध्यक्ष का पद ही नहीं होता। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि अब लगभग हर अधिकारी और कर्मचारी यह बताने की कोशिश करता है कि उसका किसी न किसी रूप में संघ से जुड़ाव रहा है।
अपने संबोधन में विजयवर्गीय ने कहा कि कई अधिकारी उनसे मिलते समय यह भी कहते हैं कि उन्होंने शाखा में “पट्टी बांधी”, “बेल्ट बांधी” और “चड्डी पहनी” है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे सरकार बनने के बाद सभी स्वयं को संघ का बताने लगे हैं। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।
संगठन के विस्तार के साथ गुणवत्ता पर भी जताई चिंता
विजयवर्गीय ने अपने भाषण में केवल अधिकारियों का जिक्र नहीं किया, बल्कि संगठन के विस्तार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि समय के साथ भीड़ तो बढ़ी है, लेकिन अच्छे लोगों की कमी महसूस होने लगी है। उनके अनुसार, केवल संगठन का आकार बढ़ना पर्याप्त नहीं है। यदि विचारधारा के साथ अच्छे और संस्कारित लोग नहीं जुड़ेंगे तो उसके मूल उद्देश्य पर असर पड़ सकता है। उन्होंने इस विषय पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता बताई।
चर्चा का कारण क्या है?
विजयवर्गीय का बयान ऐसे समय सामने आया है जब मध्य प्रदेश में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकार-अधिकारी समन्वय को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि मंत्री ने किसी अधिकारी या विभाग का नाम नहीं लिया, लेकिन मंच से की गई उनकी टिप्पणी ने अधिकारियों की भूमिका और राजनीतिक धारणा को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है। फिलहाल इस बयान पर सरकार या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।