भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में विभिन्न छात्र समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। विश्वविद्यालय परिसर में कुलगुरु कार्यालय के सामने एनएसयूआई से जुड़े कार्यकर्ताओं और छात्रों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई के भोपाल गैर-तकनीकी इकाई के जिला प्रभारी आशीष शर्मा कर रहे हैं। संगठन के अनुसार धरने में करीब 30 छात्र शामिल हैं, जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं।
बीएड कॉलेजों की संबद्धता प्रक्रिया पर सवाल
धरने के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर बीएड कॉलेजों को संबद्धता देने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई कॉलेजों को आवश्यक निरीक्षण और जांच पूरी किए बिना ही सशर्त संबद्धता प्रदान कर दी गई। उनका यह भी आरोप है कि संबद्धता से जुड़ी निरीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
छात्र नेताओं के मुताबिक पहले 129 बीएड कॉलेजों को संबद्धता दी गई थी, जबकि अब करीब 35 अन्य कॉलेजों को भी बिना समुचित जांच के मान्यता देने की तैयारी की जा रही है।
पहले भी दिए गए थे ज्ञापन
एनएसयूआई का कहना है कि इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है। संगठन के अनुसार मार्च में पहला ज्ञापन सौंपा गया था, जबकि 5 मई को दोबारा ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
छह महीने से लंबित हैं परीक्षा परिणाम
धरने में शामिल छात्रों ने परीक्षा परिणामों में हो रही देरी को भी बड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना है कि दिसंबर 2025 में आयोजित परीक्षाओं के परिणाम अभी तक घोषित नहीं किए गए हैं। परिणाम लंबित रहने से बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा में प्रवेश और रोजगार संबंधी अवसरों से वंचित हो रहे हैं।
शिक्षकों के खाली पदों पर भी उठी चिंता
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका दावा है कि संस्थान में लगभग 70 प्रतिशत शिक्षक पद रिक्त हैं, जिससे नियमित पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। छात्रों का कहना है कि पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
छात्रों ने प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप
धरने में शामिल छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार छात्रों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। उनका कहना है कि बीएड कॉलेजों की संबद्धता प्रक्रिया में पारदर्शिता, समय पर परीक्षा परिणाम और शिक्षकों की भर्ती जैसे मुद्दों पर अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।
ये हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
- बीएड कॉलेजों की संबद्धता से संबंधित निरीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- दिसंबर 2025 की लंबित परीक्षाओं के परिणाम जल्द घोषित किए जाएं।
- रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो कुलगुरु कार्यालय के सामने जारी अनिश्चितकालीन धरना आगे भी जारी रहेगा।
