Friday, 19 June

मध्य प्रदेश के सागर जिले में कलेक्टर आईएएस प्रतिभा पाल ने शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कई प्रशासनिक लापरवाहियां सामने आईं। उपस्थिति पंजी की जांच में कार्यालय में पदस्थ 42 अधिकारी-कर्मचारियों में से 21 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का तत्काल तीन दिन का वेतन काटने तथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा गया है।

विभिन्न शाखाओं का किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सीएमएचओ कार्यालय परिसर का जायजा लेते हुए विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थापना शाखा, लिपिक शाखा, नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) यूनिट सहित अन्य विभागों में पहुंचकर फाइलों और अभिलेखों की स्थिति की जांच की।

स्थापना शाखा में कर्मचारियों के अवकाश, क्लेम तथा सर्विस बुक से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासकीय कर्मचारियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

कलेक्टर ने एनएचएम यूनिट के तहत जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए तथा सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप किए जाएं।

बिना सूचना ड्यूटी से नदारद मिले कर्मचारी

उपस्थिति रजिस्टर की जांच के दौरान यह पाया गया कि 21 अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना अथवा स्वीकृत अवकाश के कार्यालय से अनुपस्थित थे। इस पर कलेक्टर ने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और तीन दिन का वेतन काटने की दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सीधे तौर पर आम जनता और मरीजों से जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति तथा जिम्मेदार कार्यप्रणाली अत्यंत आवश्यक है।

साफ-सफाई और समय पालन के निर्देश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने, फाइलों का सुव्यवस्थित संधारण करने तथा सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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