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क्या है हेपेटाइटिस, जाने, जांच एवं उपचार कराएं

क्या है हेपेटाइटिस, जाने, जांच एवं उपचार कराएं

दमोह। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संगीता त्रिवेदी ने बताया कि विश्व हेपेटाईटिस दिवस के मौके पर जागरूकता गतिविधियों के साथ गर्भवती महिलाओं एवं कैदियों की हेपेटाइटिस और एच.आई.व्ही. की जांच की गई। जिला जेल में 282 एवं उपजेल हटा में 109 कैदियों की हेपेटाइटिस और एच.आई.व्ही. की जांच की गई। डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि हेपेटाईटिस बी एवं सी का उपचार संभव है और हेपेटाईटिस बी के बचाव के लिए टीकाकरण उपलब्ध है।

हेपेटाईटिस बी पॉजीटिव गर्भवती महिला से जन्मे शिशु को जन्म के तुरंत बाद टीकाकरण के साथ-साथ एचबीआईजी टीका अवश्य लगवायें। 5 ज्ञात हेपेटाइटिस वायरस ए बी सी डी ई के कारण होने वाले संक्रमण रोकथाम योग्य हैं और इनके प्रारंभिक निदान और उपचार से पुराने संक्रमण वाले व्यक्तियों के स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।

हेपेटाइटिस ए और ई प्रदूषित पानी या भोजन के सेवन द्वारा फैलता है। बारिश के मौसम में खान-पान में विशेष सतर्कता रखने की जरूरत होती है। हेपिटाइटिस बी सी और डी संक्रमित खून और शरीर के तरल पदार्थ से संचरित होते हैं। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाईटिस नियंत्रण कार्यक्रम जिला नोड़ल अधिकारी डॉ. अमित प्रकाश जैन ने बताया कि असुरक्षित इंजेक्शन, चिकित्सा प्रक्रिया, टैटू बनाने की सुई को साझा करने, असुरक्षित यौन संबंध, गर्भवती महिलाओं से बच्चे में हेपेटाईटिस बी हो सकता है।

बचाव के लिए लायसेंस प्राप्त ब्लड़ बैंक से ही रक्त प्राप्त करें। सुई, रेजर, ब्लेड़ आदि साझा न करें। हेपेटाईटिस सी से ग्रसित रोगी उपचार से ठीक हो सकते है। ईलाज नहीं होने पर लीवर कैंसर तक हो सकता है। हेपेटाईटिस बी, सी की जांच-उपचार की सुविधा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध है। वहीं जिला चिकित्सालय दमोह में सी.आई.सी.एम. नर्सिंग कॉलेज दमोह के छात्र-छात्राओं ने जिला अस्पताल में पोस्टर तथा चर्चा के माध्यम से मरीजों एवं उनके परिजनों को हेपेटाईटिस से बचाव के संबंध में जागरूक किया। इस दौरान राष्ट्रीय वायरल हेपेटाईटिस नियंत्रण कार्यक्रम जिला नोड़ल अधिकारी डॉ. अमित प्रकाश जैन, पैथालॉजी स्टॉफ मौजूद रहा।

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