भोपाल। भोपाल में सोम ग्रुप पर आयकर विभाग की कार्रवाई गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी है। अब तक की जांच में सामने आया है कि ग्रुप ने बोगस खातों से कर्मचारियों के खातों में राशि जमा की जाती थी । शैल कंपनियों से मनी ट्रांजेक्शन का भी खुलासा हुआ है।
कंपनी में काम करने वाले इलेक्ट्रिशियन, सेल्समैन, गार्ड, सुपरवाइजर और अन्य कर्मचारियों के नाम पर इन्वेस्टमेंट किया गया है। आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफर) रजिस्ट्रेशन के चलते यह सारा खेल किया है। ग्रुप में रिटेलरशिप का काम किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
आयकर विभाग ने सोम ग्रुप के ठिकानों पर मंगलवार तड़के छापेमारी की। देश के पांच राज्यों में अलग-अलग ठिकानों पर हुई कार्रवाई में अफसरों को एक दर्जन से अधिक लॉकर्स का पता चला है। ये ग्रुप के मालिकों के अलावा कंपनी के अधिकारियों के नाम पर हैं। इन लॉकर्स से जेवरात और भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। हालांकि, कितनी नकदी और जेवरात मिले हैं, इसका खुलासा नहीं हो पाया है।
करोड़ों रुपए कीमत की 20 लग्जरी कारें मिलीं
शैल कंपनियों के ग्रुप के अधिकारी मनी ट्रांजेक्शन करते रहे हैं। ग्रुप संचालक जगदीश अरोड़ा की केरवा डैम के पास विशाल कोठी वात्सल्य में जांच चल रही है। ग्रुप के अधिकारियों के यहां से अन्य सभी तरह के ट्रांजेक्शन की भी जांच आयकर अधिकारियों की टीम कर रही है।
करोड़ों रुपए कीमत की 20 लग्जरी कारें मिलीं आयकर विभाग के अफसरों को जांच के दौरान ग्रुप के मालिकों और अफसरों के यहां 15 से 20 लग्जरी कारें मिली हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में है। इन सबके मामले में भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही अफसर पैसों के इन्वेस्टमेंट के विदेशी कनेक्शन की भी तलाश कर रहे हैं।

