Monday, 13 April

भोपाल। सीहोर जिले के बुदनी में स्थापित ट्राइडेंट समुह पर आयकर छापे के बाद राजनीतिक चर्चाएं सरगर्म हो उठी हैं कि कहीं ये मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर अप्रत्यक्ष हमला तो नही है। ट्राइडेंट में सीएम की हिस्सेदारी की चर्चाएं भी राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में तेज हैं। 

 मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव 2023 के चलते ये छापे मायने रखते हैं। इन कंपनियों से किसी ना किसी प्रकार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संबंध बताया जा रहा है।ट्राइडेंट समुह मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के बुदनी विधानसभा क्षेत्र में टेक्स्टाइल संचालित कर रहा है। बुदनी विधानसभा क्षेत्र मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का निर्वाचन क्षेत्र है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि चुनाव के दौरान आई टी, ईडी छापे विरोधी राजनीतिक दलों के नज़दीकी व्यावसायिक समुह पर डलते आए हैं। विरोधी राजनीतिक दल पुरजोर तरीके से इसे राजनीतिक दुरपयोग का तीखा आरोप लगाता रहा है। यह पहली बार है जब सत्ता पक्ष के किसी नजदीकी समुह पर छापा पड़ा हो और वह भी केन्द्र में जब एक ही दल की सरकार हो। राजनीतिक हलकों में इसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के केंद्रीय नेताओं की आपसी टसल के रुप में देखा जा रहा है।

 उल्लेखनीय है कि दिलीप बिल्डकॉन के दिलीप सूर्यवंशी मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद सबसे बड़े पॉवर ब्रोकर बनकर उभरे थे। अचानक दिलीप बिल्डकॉन की किस्मत चमकी और उनकी कंपनी ने तेज गति से आर्थिक छलांग मारना शुरू कर दी। बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के चलते मध्यप्रदेश के  शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री बनाया गया। दिलीप सूर्यवंशी मुख्यमंत्री शिवराज के बाल सखा के तौर पर भी जाने जाते हैं।

 शिवराज के दूसरे कार्यकाल के दौरान दिलीप बिल्डकॉन पर पहला आयकर छापा पड़ा। उस वक्त केन्द्र में कांग्रेस की सरकार हुआ करती थी। इससे दिलीप बिल्डकॉन की आर्थिक और राजनीतिक सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा। दिलीप बिल्डकॉन देश के बड़े-बड़े निर्माण कार्यों के ठेके लेने लगे। इसी दौरान दिलीप बिल्डकॉन का शेयर बाजार में प्रवेश हुआ और दिलीप बिल्डकॉन के शेयर ओवर सब्सक्राइब हुए। इसके बाद भी आई टी छापा पड़ा।

दूसरी कंपनी के तौर पर मध्यप्रदेश के बिल्डर , यूनिवर्सिटी और उधोगपति समुह सेज ग्रुप पर छापा पड़ा। शिवराज के कार्यकाल में इस कंपनी का कारोबार भी जबरदस्त तरीके से फलता फूलता रहा। जब शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान ने बुदनी में भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट कराया तो सेज ग्रुप ने प्रमुख स्पांसर के तौर पर टूर्नामेंट संपन्न करवाया। टूर्नामेंट के बाद सेज ग्रुप के दफ्तरों पर आईटी रेड पड़ी। इस दौरान केन्द्र में सरकार भाजपा की रही।

तीसरा व्यावसायिक समूह बंसल ग्रुप भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन जो अब रानी कमलापति रेल्वे स्टेशन के तौर पर जाना जाता है के कायाकल्प के काम को लेकर चर्चा में आया। रानी कमलापति रेल्वे स्टेशन पर इन दिनों फाइव स्टार होटल और एक भव्य शापिंग काम्प्लेक्स बन रहा है। इस कंपनी को एक विदेशी कंपनी द्वारा इस प्रोजेक्ट के लिए 950 करोड़ रुपए का लोन दिया गया था। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि लोन का यह पैसा कई कंपनियों के माध्यम से घुमा फिराकर लोन की शक्ल में बंसल समुह को दिया गया था। यह पैसा मध्यप्रदेश के राlजनेताओं और अफसरों की अवैध कमाई के तौर पर आंका गया था। जिसके बाद बंसल समुह पर भी आयकर छापे पड़े। इन दिनों बंसल समुह की रानी कमलापति रेल्वे स्टेशन पर बन रही बंसल 1 में भाजपा का सर्वसुविधायुक्त मीडिया सेंटर संचालित किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बंसल समुह ने अपने परिसर में भाजपा को यह जगह केंद्र व राज्य सरकार से राजनीतिक संरक्षण प्राप्त करने के लिए उपलब्ध कराई है।

Share.
Exit mobile version