बेंगलुरु। इंफोसिस के को-फाउंडर एनआर नारायणमूर्ति ने बुधवार 15 नवंबर को कहा कि भारत को स्कूल टीचर्स की ट्रेनिंग पर सालाना एक अरब डॉलर (करीब 83 अरब रुपए) खर्च करने चाहिए। इसके लिए दुनियाभर से बहुत काबिल 10 हजार रिटायर्ड टीचर्स बुलाने होंगे।
नारायण मूर्ति के मुताबिक, इससे 2500 ट्रेन द टीचर्स कॉलेज खोलने होंगे, ताकि हमारे टीचर्स साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स (STEM) में बेहतर तरीके से ट्रेंड हो सकें। चार टीचर्स का सेट एक साल में 100 प्राइमरी और 100 सेकेंडरी टीचर्स को ट्रेनिंग दे सकता है। इस प्रक्रिया से सालाना 2.5 लाख प्राइमरी और 2.5 लाख सेकेंडरी के ट्रेंड टीचर्स मिलेंगे।
नारायण मूर्ति ने यह भी कहा कि हालांकि यह कोर्स ही काफी नहीं होगा। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम एक साल का होना चाहिए। इंफोसिस फाउंडर ने ये बातें बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं।
सुझावों का स्वागत है
भारत में तरह-तरह के सुझाव आते हैं और मुझे यकीन है कि हमारे पास एक्सपर्ट्स का एक समूह है जो उन सुझावों का एनालिसिस करेगा। यदि यह सार्थक पाया गया तो वे इसे आगे बढ़ा सकते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इन सभी सुझावों का स्वागत किया जाना चाहिए, जब तक कि ये देश की भलाई की भावना से दिए गए हों।
इंफोसिस के एक अन्य को-फाउंडर और फाउंडेशन के ट्रस्टी बोर्ड के अध्यक्ष एस गोपालकृष्णन ने कहा- जैसे-जैसे हमारी GDP बढ़ती है, हमें कुछ अलग करने की जरूरत है। हम एक ही रास्ते पर चलकर तरक्की नहीं कर सकते।

