भोपाल। मध्यप्रदेश के खजुराहो में मंगलवार से 50वें खजुराहो नृत्य समारोह की शुरुआत हो गई है। पहला दिन खास रहा। 1484 कलाकारों ने एक साथ कथक नृत्य की प्रस्तुति दी। जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गई है।
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नृत्य समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने रिकॉर्ड बनाने वाले सभी कलाकारों को बधाई दी। सीएम डॉ. यादव ने खजुराहो में ही पारंपरिक कलाओं के ‘गुरुकुल’ की स्थापना के लिए भूमिपूजन किया।
आयोजन के लिए एक दिन पहले ही खजुराहो में कथक डांसर ने अभ्यास किया। इस प्रस्तुति को पंडित राजेंद्र गंगानी ने कोरियोग्राफ किया। उनकी वरिष्ठ शिष्या और बुंदेलखंड पर्यटन सागर की ब्रांड एंबेसडर डॉ शांभवी शुक्ला मिश्रा ने तीन सहयोगियों के साथ नृत्य का संचालन किया।
1975 में खजुराहो नृत्य महोत्सव की शुरुआत हुई थी। तब से हर साल यहां शास्त्रीय नृत्य समारोह का आयोजन किया जाता है। लेकिन मंगलवार को खजुराहो ने कथक डांस के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है।
16 मिनट तक किया कथक नृत्य
गिनीज बुक ऑफ इंडिया की जज एनी ने बताया- मैंने देखा कि सभी सेम डांस फॉलो कर रहे थे। कोई फ्री स्टाइल नहीं हो रहा है। वो बेहद खास था और 5 मिनट से ज्यादा डांस करने की जरूरत थी, लेकिन आज का जो डांस था वो 16 मिनट था। तो ये दो पॉइंट मैंने नोटिस किया। जिसकी वजह से कार्यक्रम सक्सेसफुल रहा।
आज 1484 कथक कलाकारों ने सामूहिक प्रस्तुति दी है, जिससे रिकॉर्ड ब्रेक हुआ और पिछला रिकॉर्ड लगभग 1204 कलाकारों के सामूहिक नृत्य का था।

