Sunday, 19 April

भोपाल। वैसे तो खटिया को ग्रामीण क्षेत्रों में चारपाई भी कहा जाता है। लोग इसका उपयोग आराम और सोने के लिए करते हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के गांव में रहने वाले एक युवक ने खटिया को ही वाहन का स्वरूप दे दिया। इसका नाम खटिया कार है। इसे चलाने के लिए पेट्रोल-डीजल की जरूरत नहीं पड़ती है। यह इलेक्ट्रिक चार्जिंग और सौर उर्जा से चलता है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। खटिया कार की तारीफ उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी कर चुके हैं। नवभारत टाइम्स.कॉम की टीम ने गांव पहुंचकर इसे बनाने वाले लड़के से बात की है।

उन्होंने बताया कि इसके एक वाहन का इंजन और उसमें लगने वाली मोटर सहित सामग्री एकत्रित की। करीब डेढ़ माह में उसने यह वाहन को तैयार कर दिया। इसमें करीब 25 से 30 हजार रुपए का खर्च आया। बढ़ती महंगाई और डीजल-पेट्रोल की झंझट की वजह से पवन ने इसे इलेक्ट्रिक वाहन के रूप में बदल दिया। चार्जिंग बैटरी का इस्तेमाल कर इस वाहन को इलेक्ट्रिक खटिया वाहन बना दिया।

सौर उर्जा से चलाने की तैयारी

अब सोलर प्लेट लगाकर इस वाहन को सौर ऊर्जा से चलने वाला वाहन बनाने की तैयारी है, जिसके लिए वह ट्रायल भी कर चुका है। पवन ने बताया कि पहले यह वाहन पेट्रोल से चलाता था। इसमें सोलर पैनल की प्लेट को छत की जगह लगाया। जिससे बिना खर्चे की यह कार चलेगी। साथ ही सोलर पैनल से धूप और बारिश से भी बचाएगी।

उन्होंने बताया कि करीब 3 घंटे की चार्जिंग में 60 किलोमीटर तक इस वाहन से सफर किया जा सकता है। इस वाहन की 50 किलोमीटर प्रति घंटा स्पीड है। पवन के मुताबिक इस खटिया कार पर चार से पांच लोग आसानी से बैठकर सफर कर सकते हैं। साथ ही इस वाहन में तीन से चार क्विंटल वजन की क्षमता भी है।

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