भोपाल। आइलैंड के बीच में पीडब्ल्यूडी ने मिट्टीभरकर यहां घास लगाई व कुछ फुल के पौधे लगाए हुए हैं। इसके बीच में एक फव्वारा भी है जो ब्रिज की सुंदरता को बढ़ाने के लिए लगाया है। हालांकि रखरखाव के अभाव में अब ये ब्रिज और इससे जुड़ी संरचनाएं टूटने-धंसने लगी है।
ब्रिज को फरवरी 2020 में आमजन के लिए लोकार्पित किया गया था। 22 करोड़ रुपए में करीब साढ़े आठ सौ मीटर लंबे ब्रिज से नर्मदापुरम रोड को बावडिय़ा की ओर रोहित नगर, गुलमोहर, कोलार से सीधा संपर्क कराया गया। पहले रेलवे फाटक पर लंबे जाम से जूझना पड़ता था, लेकिन ब्रिज से सीधे बिना कहीं अटके लोग आवाजाही करते हैं। हालांकि घटिया निर्माण की पोल ब्रिज लोकार्पण के एक से डेढ़ साल बाद ही खुलने लगी थी। अब भी ब्रिज की स्लैब कई जगह उखड़ी हुई है और लोहे के एंगल ब्रिज से बाहर निकलते नजर आते हैं। हाल में एक चार फीट चौड़ा बड़ा गड्ढा हो गया था, जिसे रेत सीमेंट से भरा गया है। ये अलग ही नजर आता है। ब्रिज महाप्रबंधक पीडब्ल्यूडी संजय खांड़े इस स्थिति की जांच करवाकर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

