भोपाल। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के एकदम पहले जिस तरह प्रदेश में ताबड़तोड़ तबादले किए गए, वो भले ही स्वाभाविक माने जाएं, लेकिन इसमें कई अनियमितताएं भी सामने आ रही हैं। कुछ जगह तो गलती हुई, लेकिन कई विभागों में बाकायदा घोटाला किया गया।
लोक निर्माण विभाग से जानकारी मिल रही है कि यहां निकल स्तर पर अधिकारियों ने मनमाने तरीके से सूची बना कर जारी करवा दीं। विभाग के विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि प्रमुख सचिव के पास जब कुछ मामले पहुंचे तो उन्होंने प्रमुख अभियंता को वाट्स एप पर ही कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि बिना अनुमोदन के ही आदेश जारी कर दिए गए। हालांकि इसकी पुष्टि उच्च अफसरों ने नही की है।
कटनी जिले की तो पूरी खबर ही आई है। यहां के प्रभारी कार्यपालन यंत्री हरि सिंह को पद से हटाकर मंडला में पदस्थ प्रभारी कार्यपालन अधिकारी शारदा सिंह को कटनी का प्रभार सौंपा गया। मंडला से आई प्रभारी अधिकारी ने कार्यालय में आकर प्रभार तो ग्रहण किया लेकिन प्रभारी कार्यपालन यंत्री हरि सिंह ने माधवनगर थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि 15 मार्च की रात शारदा सिंह सहित अन्य ने संभागीय कार्यालय का बिना सहमति प्रवेश किया है। उनका आरोप है कि मेरे कार्यालय कक्ष से महत्वपूर्ण दस्तावेज और पचास हजार रुपए वेतन के जो मैं ले जाना भूल गया था, निकाल लिए गए। शारदा सिंह द्वारा मध्य रात्रि में ही एकपक्षीय प्रभर लेने के चक्कर में आधी रात को अपने साथिर्टी के साथ नियम विरुद्ध कार्य किया गया है। अनाधिकृत रूप से ताला तोड़े जाने की पुष्टि कार्यालय में लगे सीनीटीवी फुटेज देखकर की जा सकती है। शिकायत पर प्रभारी कार्यपालन यंत्री व उनके साथियों पर एफआइआर दर्ज करने की मांग की गई है।
पूर्व प्रभारी कार्यपालन यंत्री हरि सिंह को पद से हटाकर सहायक यंत्री के पद पर कटनी में ही पदस्थ किए जाने के चंद घंटों बाद ही उन्हें कार्यपालन यंत्री कार्यलय मुख्य अभियंता जबलपुर परिक्षेत्र में पदस्थ कर दिया गया ।हालाकि अबतक हरिसिंह ने पदभार ग्रहण नहीं किया है।
इसके साथ ही कई और तबादला आदेश जारी किए गए, जिनकी जानकारी ही प्रमुख अभियंता को नहीं थी।

