भोपाल। भाजपा जॉइन करने की अटकलों के बीच 17 फरवरी को पूर्व CM कमलनाथ और सांसद नकुलनाथ ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन वहां बात नहीं बनी। लेकिन इन 168 घंटों में BJP ने छिंदवाड़ा की राजनीतिक बिसात पर पिता-पुत्र के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इसके साथ ही अभी भी ये तय नहीं है कि नकुलनाथ कांग्रेस से ही चुनाव लड़ेंगे।
असल में छिंदवाड़ा में उल्टी दिशा में ‘हवा’बह रही है। यानी कमलनाथ के खिलाफ माहौल बन रहा है। उनके करीबी बीजेपी की तरफ रुख कर रहे हैं। ये इसलिए भी अहम है, क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव में नकुलनाथ सिर्फ 38 हजार वोटों से जीते थे। उस वक्त कमलनाथ मुख्यमंत्री थे। 5 साल बाद अब कमलनाथ न तो CM हैं, न ही उनका वैसा रुतबा है तो BJP छिंदवाड़ा फतह करने के लिए अपने एक्शन प्लान में जुट गई है।
इधर, BJP ने कमलनाथ के छिंदवाड़ा लौटने से पहले ही उनके कई नजदीकियों को भगवा दुपट्टा पहना दिया। पांढुर्णा के नगर पालिका अध्यक्ष, 7 पार्षद, 16 सरपंच और जनपद सदस्यों ने BJP जॉइन कर ली। भाजपा ने यहां जिला अध्यक्ष से लेकर बूथ अध्यक्ष तक को टारगेट दे दिया है कि कांग्रेस के लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें अपना बनाओ। इस बात की पुष्टि खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से की।
CM ने कहा कि कुछ आ गए हैं और कुछ आने वाले हैं। कमलनाथ के नजदीकी लोग भी ये मानने लगे हैं कि जब ‘साहब’ विचार कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं? पाला बदल चुके नपा अध्यक्ष, पार्षद और सरपंच कहते हैं कि वे विकास की गारंटी के साथ हैं।
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