Sunday, 31 May

भोपाल। पटवारियों की आम तौर पर बिना रिश्वत के काम न करने की छवि बनी हुई है, लेकिन इन दिनों वे अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं और जन समर्थन जुटा रहे हैं। प्रदेश के करीब 19 हजार पटवारी शुक्रवार को 12वें दिन हड़ताल पर रहे। वे 28 अगस्त को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। 

भोपाल जिले के बैरसिया में शुक्रवार को पटवारियों ने दोपहर तक धरना दिया। इसके बाद वे यहां से तारावली मंदिर पहुंचे। करीब डेढ़ किलोमीटर तक उन्होंने पैदल चूनर यात्रा निकाली और मंदिर पहुंचकर मां को भेंट की। उन्होंने मां तारावली के दरबार में अपनी मांगों की अर्जी भी लगाई। ताकि, सरकार उनकी प्रमुख ग्रेड-पे की मांग पूरी कर दें। पटवारी संघ के भोपाल जिलाध्यक्ष संदीप शर्मा समेत बड़ी संख्या में पटवारी चूनर यात्रा में शामिल हुए।

पटवारियों के हड़ताल पर जाने से काम प्रभावित

प्रदेश में पटवारियों के हड़ताल पर जाने से नामांतरण और जाति प्रमाण पत्र जैसे 7 महत्वपूर्ण कार्य नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि, जिलों में कलेक्टरों ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए राजस्व निरीक्षकों को काम सौंपे हैं। बावजूद काम पर असर पड़ रहा है। पटवारियों के जिम्मे प्रमुख रूप से नामांतरण, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निर्वाचन के कार्य, फसल गिरदावरी, पीएम-सीएम पेमेंट और पुलिस के साथ घटना स्थल पर पंचनामा बनाना आदि कार्य है।

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