Friday, 10 April

भोपाल। क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सीएम मोहन यादव से उस बयान का बदला ले लिया है, जिसमे उन्होंने उज्जेन में रुकने वाली किंवदंती को सिंधिया राजघराने की साजिश बताया था? और ये बयान सीएम बनने के बाद ही दिया गया था। 

सच्चाई कुछ भी हो, लेकिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एयर एंबुलेंस सुविधा लाकर देश का पहला राज्य मध्यप्रदेश को बनाने की तैयारी ही करते रह गए, और उधर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उत्तराखंड से एयर एंबुलेंस की शुरुआत का ऐलान भी कर दिया। अब कहा जा रहा है कि मोहन यादव की इस महत्वाकांक्षी योजना पर केंद्रीय विमानन मंत्री ने पानी फेर दिया है। 
सीएम मोहन यादव ने 11 फरवरी को मध्यप्रदेश के अंतरिम बजट में इस सुविधा के लिए प्रावधान कर दिया था। साथ ही प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह को इसके निर्देश भी दे दिए गए थे, जिस पर शासन स्तर पर इस नए प्रयोग को अमल में लाने की तैयारी भी शुरू हो गई थी। इसी बीच केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने उत्तराखंड के ऋषिकेश से इस सुविधा की घोषणा कर देश में पहला राज्य बना दिया है। 

सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड को देश में सबसे पहले यह सुविधा इसलिए भी दी गई है कि यहां प्राकृतिक आपदाएं बहुत आती हैं इस कारण आपातकालीन सेवाओं की भी बहुत अधिक आवश्यकता होती है इसीलिए विमानन मंत्री ने उत्तराखंड को प्राथमिकता देकर एयर एंबुलेंस सेवा में देश का पहला राज्य बनाया।

एक हेलीकॉप्टर एम्स ऋषिकेश में तैनात होगा

ज्योतिरादित्य सिंधिया की घोषणा के बाद देश की पहली हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (HEMS) उत्तराखंड से प्रारंभ की जा रही है। एक हेलीकॉप्टर एम्स ऋषिकेश में तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही सोशल मीडिया में जानकारी शेयर करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि अगर 150 किलोमीटर की क्षेत्र में अगर कोई दुर्घटना होती है तो उस व्यक्ति को तुरंत हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया जाएगा। हेलीकॉप्टर का अभी असेम्ब्लिंग कर सर्टिफिकेशन किया जा रहा है। 

मप्र सरकार भी उड़वाएगी एयर एंबुलेंस 

मध्यप्रदेश में भी एयर एंबुलेंस की सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दिलवाई जा रही है। जिस तरह अभी निजी अस्पतालों एयर एंबुलेंस रहती है, वहीं 108 के जरिए भी सरकार ने सुविधा दे रखी है, जिस पर फोन लगाकर कोई भी व्यक्ति मरीज के लिए एम्बुलेंस बुलवाता है। सीएम मोहन ने प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह को इसके निर्देश भी दिए, जिस पर शासन स्तर पर इस नए प्रयोग को अमल में लाने की तैयारी भी शुरू हो गई। अभी शुरुआत में एक हेलीकॉप्टर और प्लेन के साथ इसे शुरू किया जाएगा। अभी नियम, शर्तें, दरें और अन्य महत्वपूर्ण बातें तय की जा रही है। उसके बाद इसके टेंडर जारी होंगे और शर्तों को पूरा करने वाली निजी कम्पनी को ही इसका ठेका दिया। 

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