भोपाल। ऐसा लगता है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बीजेपी के पूर्व सीएम शिवराजसिंह चौहान के नक्शे कदम पर चल पड़े हैं। जिस तरह विधानसभा चुनाव के पहले ही शिवराज ने भावुकता वाले बयान और भाषण दिए, कमलनाथ ने भी छिंदवाड़ा में वैसा ही भाषण दे डाला।
छिंदवाड़ा जिले के चौरई में आयोजित एक सभा में भावुक नजर आए। उन्होंने इस दौरान अपने विदा होने की बात तक कह डाली. उन्होंने कहा कि अगर आप लोग मुझे विदा करना चाहते हैं तो यह आपकी मर्जी है, क्योंकि मैं विदा होने के लिए तैयार हूं. कमलनाथ के इस भावुक मैसेज की चर्चा प्रदेश के सियासी गलियारों में भी शुरू हो गई है. क्योंकि एक तरफ उन्होंने अपने विदा होने की बात कही तो दूसरी तरफ एक बार फिर उन्होंने नकुलनाथ के ही चुनाव लड़ने की बात भी कह दी।
मैं अपने आप को थोपना नहीं चाहता’
दरअसल, जब से कमलनाथ के बीजेपी में जाने की अटकलें शुरू हुई थी, उसके बाद से ही कमलनाथ पर फिलहाल सबकी नजरे हैं. ऐसे में बुधवार को जब छिंदवाड़ा जिले के चौरई विधानसभा क्षेत्र के चांद में ब्लॉक आयोजित एक सभा में पहुंचे तो वह यहां भावुक हो गए. पूर्व सीएम ने कहा ‘छिंदवाड़ा ने मुझे इतने सालों तक बहुत प्यार और विश्वास दिया है, लेकिन अगर आप सब कमलनाथ को विदा करना चाहते हैं तो मैं तैयार हूं. क्योंकि मैं अपने आप को किसी पर थोपना नहीं चाहता हूं, ये सब तो आप लोगों के मन-मंशा की बात है.’
बीजेपी में जाने का किया खंडन
खास बात यह है कि कमलनाथ ने एक बार फिर से बीजेपी में जाने की बातों का खंडन किया. उन्होंने कहा मैंने कभी भी यह नहीं कहा ‘मैं बीजेपी ने शामिल होने जा रहूं, क्या मैं पागल हो गया हूं जो बीजेपी में जाऊंगा.’ बता दें कि कमलनाथ 17 फरवरी को जब अचानक से अपने बेटे नकुलनाथ के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए थे तो इस बात की चर्चा शुरू हो गई थी कि वह बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. खास बात यह भी है कि उस वक्त कमलनाथ ने खुलकर बीजेपी में जाने की खबरों का खंडन नहीं किया था, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया था. लेकिन 19 फरवरी तक अचानक से इन सभी खबरों पर विराम लग गया था।
भावुक मैसेज बड़ी रणनीति…!
कमलनाथ मंझे हुए राजनेता हैं, सियासत में उनका 40 सालों से भी ज्यादा का अनुभव रहा है. ऐसे में उन्होंने छिंदवाड़ा में भावुक मैसेज देकर बड़ी रणनीति अपनाई है. कमलनाथ ने जनता से यह कहा कि वह विदा होने के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर आप लोग उन्हें विदा करना चाहते है तो. इसके अलावा उन्होंने बीजेपी के आक्रमक प्रचार की काट भावुक मैसेज के तौर पर भी निकाली है. कमलनाथ जनता को यह मैसेज देना चाहते हैं कि बीजेपी आक्रमक रणनीति के साथ चुनाव जीतना चाहती है. माना जा रहा है कि इस बार भी कमलनाथ ने लोकसभा चुनाव में पूरी तरह से एक्टिव रहेंगे. ऐसे में उनके बयान इस वक्त सियासत में अहम बने हुए हैं।

