भोपाल। मध्य प्रदेश के सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) को सूचना का अधिकार ( RTI ) के तहत जानकारी नहीं देने पर आड़े हाथ लिया है। राज्य सूचना आयोग के आयुक्त ने कहा कि MPPSC आदेश के बाद भी जानकारी नहीं देता है और अक्सर दौड़कर कोर्ट से स्टे ले आता है। उन्होंने एक अपील प्रकरण में MPPSC के खिलाफ 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
राहुल सिंह ने बताया कि पीएससी नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहा है। पीएससी जानकारी देता ही नहीं है। कुछ आयुर्वेद डॉक्टरों ने आरटीआई लगाई, केस मेरे पास आया तो मैंने आदेश दिया की जानकारी दी जाए, लेकिन जानकारी देने की जगह वह हाईकोर्ट से स्टे ले आया। ऐसी को भी जानकारी जो आयोग संसद, विधानसभा में देने से इंकार नहीं कर सकता वह आरटीआई में भी नहीं रोकी जा सकती है।
आयोग ने साल 2019 व 2020 की राज्य सेवा परीक्षा के साथ ही वन सेवा व अन्य कई परीक्षाओं पर अंतिम नियुक्ति हाल ही में पूरी कर दी है, लेकिन इसमें केवल चयनित उम्मीदवारों के ही अंक बताए गए हैं। बाकी जिन्होंने भी मेंस दी है उनकी अभी तक उत्तरपुस्तिका नहीं दिखाई गई और ना ही अंक बताए गए। जबकि नियमों के मुताबिक यह बताना होता है। वहीं मजेदार बात तो यह है कि इस मामले में कोर्ट से ऐसा कोई आदेश भी नहीं है कि यह नहीं दिखाया जाना है। यह पीएससी का विशुद्ध रूप से अपने स्तर पर लिया गया फैसला है। ऐसे में उम्मीदवार को यह पता ही नहीं चल रहा है कि वह मेंस में क्यों फेल हो गया और कितने नंबर से पद पाने से वंचित हो गया।
उत्तर पुस्तिकाएं देखना जरूरी
उम्मीदवारों के लिए यह उत्तरपुस्तिकाएं देखना जरूरी है, क्योंकि इन्हें ही देखकर उसे पता चलता है कि उसे आगे परीक्षा में कितना सुधार करना है और वह कहां पर गलतियां कर रहा है। वह किस विषय में कितने अंक से पीछे रह गया है। इस पारदर्शी सिस्टम से ही उम्मीदवारों को आगे तैयारी में मदद मिलती है, लेकिन इसे आयोग दबाकर बैठ गया है।
हाईकोर्ट कर चुका है तीखी टिप्पणी
जबलपुर हाईकोर्ट ने भी राज्य सेवा परीक्षा 2023 प्री के मामले में दो बेहद तल्ख टिप्पणियां आयोग की कार्यशैली को लेकर की है। एक टिप्पणी में कहा कि बाय हुक एंड कुक आयोग किसी भी तरह से खुद को सही साबित करने में लगा रहता है। एक अन्य टिप्पणी में कहा कि आयोग आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहा है। यह टिप्पणियां बताता है कि आयोग किस तरह से गैर पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है।

