भोपाल। साइबर क्राइम ब्रांच ने ग्राम कोयली थाना जेरोन तहसील पृथवीपुर जिला निवाडी के रहने वाले 22 वर्षीय सौरभ बिलगैया और 23 वर्षीय हरबल कुशवाहा नाम के दो जालसाज युवकों को गिरफ्तार किया है। नौवीं और 12 वीं पास यह दोनों प्रदेश के अलग – अलग जिलों में शिक्षक , इंजीनियर और शासकीय विभाग के लिपिक को तबादला होने की जानकारी देकर बाद में ट्रांसफर रूकवाने का झांसा देकर रुपये ऐंठ रहे थे।
आरोपित इतने ज्यादा शातिर हैं कि उन्होंने पुलिस कर्मियों से भी रुपये लेने की कोशिश की, लेकिन वह उनकी बातों में नहीं आए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि वह दोनों ठग अपने आपको मुख्यमंत्री कार्यालय के नाम से फोन कर खुद को सीएम का ओएसडी बनाकर धोखाधड़ी करते थे, अभी तक उनके खाते में करीब बीस लाख की ठगी की बात सामने आ चुकी है।
साइबर क्राइम ब्रांच के मुताबिक तबादला होने जानकारी देकर उसे रूकवाने के झांसे में ढाई लाख रुपये की ठगी के शिकार भोपाल के एक शासकीय कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में एफआइआर दर्ज जांच शुरू की थी, जांच के दौरान निवाड़ी के इन दिनों युवकों तक पहुंच गई।
मामले के जांचकर्ता देवेंद्र साहू ने बताया कि आरोपित बेहद शातिर हैं, वह इंटरनेट मीडिया के माध्यम फेसबुक , गूगल और टविटर के एक्स से भी लोगों के नंबर निकल कर उनको फोन करते थे और अपना परिचय मुख्यमंत्री कार्यालय के बताते थे और खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी बताकर उनको अपने झांसे में लेते थे। बाद में तबादला होने की बात कहते थे, ,उनको फर्जी सूची बनाकर भी भेज दिया करते थे, बाद में तबादला रूकवाने के नाम पर उनसे दो से पांच लाख रुपये तक वसूल कर लेते थे।

