भोपाल। एमपी हाई कोर्ट की फटकार के बाद आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी ईओडब्ल्यू ने पूर्व मंत्री कमल पटेल की पत्नी और बेटे की शिक्षा समिति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
भाजपा के पूर्व मंत्री कमल पटेल एक और मुश्किल में फंस गए हैं। उनकी पत्नी और बेटे के नाम से रजिस्टर्ड फ्रेंड्स वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी में गड़बड़ी की जांच ने हाई कोर्ट की फटकार के बाद रफ्तार पकड़ ली है। गड़बड़ी की शिकायत सदस्य विपिन अग्रवाल ने 2017 में ईओडब्ल्यू से की थी, पर शिकायत को रजिस्टर्ड नहीं किया था। जब इस संबंध में जांच ठंडे बस्ते में पड़ी तो विपिन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने शुक्रवार को एसपी ईओडब्ल्यू को 3 दिन में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को ईओडब्ल्यू ने प्राथमिकी दर्ज कर हरदा में डेरा डाल दिया है।
दरअसल, सोसायटी की जमीन को आपस में बांट लिया हरदा में 6 एकड़ भूमि के मालिकों ने डायवर्सन की मंजूरी प्राप्त कर सोसायटी के पक्ष में भूमि का पट्टा निष्पादित कर दिया। सोसायटी ने स्कूल भवन और उसके बाद स्कूल के निर्माण के लिए मप्र वित्त निगम से 2 करोड़ और 1.50 करोड़ रुपए लोन लिया था।
स्कूल बिल्डिंग का निर्माण किया गया था। इसके बाद सोसायटी के सदस्यों ने सोसायटी की जमीन को आपस में बांट लिया। सोसायटी के सदस्यों ने पंजीकृत विक्रय द्वारा भूमि को लोकेश पटेल और अन्य व्यक्तियों के पक्ष में बेच दिया। इस संबंध में गड़बड़ी की शिकायत हुई, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।

