भोपाल। राजधानी की सभी सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस के सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान हो चुका है। उम्मीदवारों के ऐलान के बाद अब चर्चाएं चल निकली हैं कि कुछ सीटों पर दोनों पार्टियों के नेताओं ने मिलकर प्रत्याशी तय किए हैं।
भोपाल की समझौता सीटों में पहला नाम गोविंदपुरा का है। इस सीट पर कांग्रेस हमेशा ही ऐसा प्रत्याशी तय करती आई है, जो बीजेपी के लिए आसान साबित हुआ। केवल एक बार करनैल सिंह ऐसा प्रत्याशी दिया गया था, जो बाबूलाल गौर के लिए परेशानी का सबब बना। इस बार रविंद्र साहू झूमरवाला को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया गया है, जो दिग्विजय सिंह समर्थक हैं। लिस्ट आते ही यहां चर्चा चल निकली कि कांग्रेस ने सीट बीजेपी को दान में दे दी। जबकि गोविंदपुरा में विधायक कृष्णा गौर के खिलाफ क्षेत्र में काफी आक्रोश है।
इधर हुजूर सीट पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने जितेंद्र मन्नू डागा को टिकट देने का आश्वासन दिया और काम शुरू करने को कह दिया। डागा लाखों रुपए खर्चनोर चुके प्रचार में, पता चला की कांग्रेस का टिकट नरेश ज्ञानचंदानी को दे दिया गया, जो पिछले चुनाव में दस हजार से ज्यादा वोटों से हारे थे। कहा जा रहा है कि दिग्विजय सिंह ने ये सीट अपने पुराने चहेते रामेश्वर शर्मा को गिफ्ट कर दी है। ज्ञानचंदानी खुद कुछ दिन पहले ही चुनाव न लड़ने की इच्छा जता चुके थे। उनके बड़े भाई के तो चुनाव में कोई हिस्सेदारी से इंकार ही कर दिया है। इधर डागा के समर्थकों ने कांग्रेस के विरोध का ऐलान कर दिया है।
अब आते हैं दक्षिण पश्चिम सीट पर। जैसे ही बीजेपी की पांचवीं सूची आई, इस सीट के प्रत्याशी का नाम देख कर लोग कहने लगे कि बीजेपी ने ये सीट कांग्रेस को गिफ्ट कर दी। हालांकि बीजेपी के उम्मीदवार भगवान दास सबनानी इतने कमजोर नही हैं लेकिन वो हुजूर से दावेदारी कर रहे थे, टिकट दक्षिण पश्चिम से दे दिया। अब परिणाम तो बाद में आयेंगे लेकिन दोनो पार्टियों oe नेताओं की मिलीभगत के चर्चे जो चल रहे हैं, उन्हें कौन रोक सकता है।

