भोपाल। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के सभी प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद अब चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है. हालांकि इस बार कांग्रेस के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी को भी बागी नेताओं के जनाधार पर नजर दौड़ना पड़ रही है. राजनीतिक दल बागियों को मनाने में भी जुट गए हैं. अगर बागी मैदान में काबिज रहते हैं तो भाजपा और कांग्रेस का खेल खराब भी हो सकता है।
मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कई ऐसी सीट है जहां पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कई नेता दावे कर रहे थे. अब प्रत्याशियों की तस्वीर साफ होने के बावजूद बागी नेता करने को तैयार नहीं है. ऐसी हालत में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की डैमेज कंट्रोल कमेटी बागी नेताओं को मनाने की कोशिश कर रही है. अगर बागी मैदान में डटे रहते हैं तो आने वाले विधानसभा चुनाव के परिणाम भी प्रभावित हो सकते हैं।
बड़नगर विधानसभा– उज्जैन जिले की बड़नगर विधानसभा से कांग्रेस में राजेंद्र सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा है. यहां पर वर्तमान विधायक मुरली मोरवाल निर्दलीय मैदान में उतरने को तैयार हो गए. मोरवाल लगातार कांग्रेस पर टिकट बदलने का दबाव बना रहे हैं.
उज्जैन उत्तर- इस विधानसभा सीट से कांग्रेस ने माया त्रिवेदी को मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस से बागी होकर विवेक यादव आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं जो कि कांग्रेस के लिए मुसीबत बन गए हैं।
महिदपुर विधानसभा- महिदपुर से भारतीय जनता पार्टी ने बहादुर सिंह चौहान को टिकट दिया है. विधायक बहादुर सिंह चौहान के खिलाफ भाजपा के नेता प्रताप सिंह आर्य मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
आलोट विधानसभा- रतलाम जिले की आलोट विधानसभा से कांग्रेस के मनोज चावला मैदान में है जबकि यहां से बीजेपी ने चिंतामणि मालवीय को मैदान में उतारा है. इस विधानसभा सीट से पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं जो कि कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
जावरा विधानसभा– रतलाम जिले की जावरा विधानसभा सीट से करणी सेना परिवार के प्रदेश अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं. इस सीट पर वे बीजेपी और कांग्रेस दोनों का ही समीकरण बिगाड़ने दावा कर रहे हैं।
मल्हारगढ़ विधानसभा- मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी परशुराम सिसोदिया का विरोध कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचंद द्वारा किया जा रहा है. टिकट नहीं बदलने की स्थिति में यहां भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस के बागी चुनाव लड़ सकते हैं।
भोपाल हुजूर – भोपाल की हुजूर सीट पर भी बगावत की सुगबुगाहट चल रही है। यहां पूर्व एमएलए जितेंद्र डागा को टिकट देने का आश्वासन दिया लेकिन पूर्व में हारे नरेश ज्ञानचंदानी को टिकट दे दिया। डागा ने अपने निवास पर पांच सौ से अधिक लोगों की बैठक बुलाई। इसमें अधिकांश लोगों ने उनसे निर्दलीय चुनाव लड़ने का आग्रह किया। अभी हालांकि उन्होंने कोई निर्णय नहीं लिया है लेकिन यदि डागा चुनाव लड़ते हैं तो दोनों प्रत्याशियों के।लिए मुसीबत बन सकते हैं।

