भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने बुधवार देर रात तक दिल्ली में प्रत्याशियों के नाम पर मंथन किया। इसमें 21 विधायकों के साथ लगातार तीन बार से हारने वाली 40 सीटों के प्रत्याशियों के नामों पर केंद्रीय चुनाव समिति में चर्चा की गई। इसके पहले शिवपुरी सीट से घोषित प्रत्याशी केपी सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से मुलाकात की।
संभावना जताई जा रहा है कि पार्टी शिवपुरी और पिछोर के प्रत्याशी बदल सकती है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली बैठक में 49 सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम निर्णय लिया गया। दूसरी सूची गुरुवार को जारी हो सकती है। कांग्रेस ने पहली सूची में 144 प्रत्याशी घोषित किए हैं। इसमें शिवपुरी से केपी सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। वे छह बार से पिछोर विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
उनका क्षेत्र बदलने को लेकर रघुवंशी समाज ने विरोध जताया था, क्योंकि भाजपा के कोलारस से विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने कांग्रेस की सदस्यता ले ली और वह शिवपुरी से चुनाव लड़ने के दावेदार थे पर केपी सिंह का नाम घोषित कर दिया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने रघुवंशी समाज के प्रतिनिधियों से कहा था कि कुछ भ्रम की स्थिति बनी, जिसके कारण ऐसा हुआ। केपी सिंह को दिल्ली बुलाया गया है।
उनसे चर्चा करके रास्ता निकालना जाएगा। सूत्रों का कहना है कि अब केपी सिंह को फिर से पिछोर और वीरेंद्र रघुवंशी को शिवपुरी से चुनाव लड़ाए जाने की संभावना है, साथ ही दतिया में राजेंद्र भारती के स्थान पर भाजपा से आए अवधेश नायक को प्रत्याशी बनाने का भी विरोध हो रहा है। इसको लेकर भी पार्टी विचार कर रही है। इसके साथ ही दिल्ली बैठक में अन्य सीटों के प्रत्याशियों के नाम को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, प्रदेश के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह और ओमकार सिंह मरकाम सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

