Wednesday, 4 March

भोपाल 

विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से 48 घंटे पहले ही विधानसभा परिसर को सुरक्षा घेरा बना दिया गया है। विधानसभा सचिवालय के फैसले के चलते शनिवार को यहां नियमित कामकाज बंद रहा। केवल सुरक्षा प्रबंधों से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी ही विधानसभा परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। 

धरना-प्रदर्शन पर सख्ती, परिसर में सीमित एंट्री

इस बार सत्र शुरू होने से पहले ही सुरक्षा प्रबंधों के साथ-साथ धरना-प्रदर्शन को लेकर भी सियासी गर्माहट देखने को मिल रही है। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर प्रमुख सचिव ने विधायकों द्वारा परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन को प्रतिबंधित कर दिया है।

अब एंट्री को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। शनिवार को गेट नंबर 3 पर दिनभर पुलिस वाहनों की आवाजाही और अधिकारियों की रिहर्सल चलती रही, जबकि गेट नंबर 1, 2, 4 और 5 को बंद रखा गया।

मीडिया और अन्य कार्यालय भी रहे बंद

इस बार सत्र से पहले मीडिया कार्यालय शनिवार को बंद रहा, जो आमतौर पर खुला रहता है। इसके कारण पास बनवाने पहुंचे पत्रकारों को खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्हें बताया गया कि पास वितरण रविवार दोपहर से शुरू होगा। यही स्थिति अन्य समितियों से संबंधित कार्यालयों की भी रही।

विधानसभा परिसर में प्रवेश के लिए नए नियम


    किसी भी वाहन में लाल, पीली या नीली बत्ती (फ्लैश लाइट) नहीं लगी होनी चाहिए। हूटर लगे वाहन परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
    केवल उन्हीं एलपीजी और सीएनजी वाहनों को प्रवेश मिलेगा, जिन्हें आरटीओ से अनुमति प्राप्त है।
    बिना नंबर या अनधिकृत गैस चालित वाहनों को परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
    प्राइवेट ऑटो रिक्शा को सत्र के दौरान परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
    विधायकों की ड्यूटी में लगे अंगरक्षकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
    भारी हथियारों से लैस अंगरक्षक भी परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
    वैध पास धारक अंगरक्षकों और सहायकों के बैठने की व्यवस्था नए शेड में की गई है।
    विशेष आगंतुक और मंत्रियों को गेट नंबर 1 या 3 से प्रवेश मिलेगा।
    विधानसभा अध्यक्ष गेट नंबर 1 से प्रवेश करेंगे और गेट नंबर 3 से बाहर निकलेंगे।
    विधायक और अधिकारी भी गेट नंबर 1 से प्रवेश और गेट नंबर 3 से निकास करेंगे।
    पत्रकारों और दोपहिया वाहन पासधारकों को गेट नंबर 5 से प्रवेश और निकास की अनुमति दी गई है।

 


Source : Agency

Share.
Exit mobile version