एक ही दिन पहले तो एलन मस्क को पछाड़ कर जेफ बेजोस के दुनिया के रबसे अमीर व्यक्ति बनने की खबर आई थी, आज खबर आई है कि फ्रांस के कारोबारी बर्नार्ड आरनॉल्ट दुनिया के सबसे बड़े रईस बन गए हैं। पहले उन्होंने टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क को पछाड़ा और अब वह जेफ बेजोस से भी आगे निकल गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के अनुसार आरनॉल्ट नेटवर्थ यानि कुल सम्पत्ति 197 अरब डॉलर के साथ दुनिया के अमीरों की सूची में शिखर पर पहुंच गए हैं।
बुधवार को आरनॉल्ट की नेटवर्थ में 1.93 अरब डॉलर की तेजी आई। इस साल उनकी नेटवर्थ में 18.1 अरब डॉलर की तेजी आई है। खास बात यह भी है कि आरनॉल्ट दुनिया के अमीरों की लिस्ट में टॉप 10 में शामिल एकमात्र गैर-अमेरिकी शख्स हैं। समझते हैं कि आरनॉल्ट कौन हैं और कैसे शिखर पर पहुंचे। वह दुनिया की सबसे बड़ी लग्जरी गुड्स कंपनी एलवीएमएच मोइत हेनेसी के सीईओ हैं। इस कंपनी में आरनॉल्ट और उनके परिवार की एलवीएमएच में 47.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस लग्जरी हाउस के पास अभी 70 से अधिक ब्रांड हैं। इनमें लुइस वोइतन, मोइत चंदन, क्रिश्चियन डायर, फेंडी, हेनेसी और वेन्यू क्लाइकोत शामिल हैं। क्रिश्चियन डायर में बर्नार्ड की 96.5 फीसदी हिस्सेदारी है। उनके आर्ट कलेक्शन में मॉडर्न और कन्टेंपररी पेंटिंग्स हैं, जिनमें पिकासो और वारहोल की पेंटिंग भी शामिल है।
पांच मार्च 1949 को जन्मे बर्नार्ड अरनॉल्ट ने साल 1984 में लग्जरी गुड्स मार्केट में कदम रखा था। उन्होंने एक टेक्सटाइल ग्रुप का अधिग्रहण किया जिसके पास क्रिश्चियन डायर का भी मालिकाना हक था। चार साल बाद उन्होंने इस कंपनी के बाकी बिजनस बेच दिए और एलवीएमएच में कंट्रोलिंग स्टेक खरीद लिया। कुछ साल पहले उन्होंने अमेरिका की जूलरी की टिफेनी एंड कंपनी को 15.8 अरब डॉलर में खरीदा। यह उनके ग्रुप की अब तक की सबसे बड़ी डील थी।
साल 1985 में आरनॉल्ट ने फ्रांस की सरकारी दिवालिया टेक्सटाइल कंपनी बुसॉक को खरीदा। इसके बाद उन्होंने दो साल के अंदर नौ हजार कर्मचारियों को निकाल दिया था। इससे आरनॉल्ट को द टर्मिनेटर कहा जाने लगा। उन्होंने डियोर ब्रांड को छोडक़र ग्रुप की अधिकांश एसेट्स को बेच दिया और सिर्फ फैशन सेगमेंट पर ही अपना ध्यान केंद्रित किया। आरनॉल्ट पहले भी कई बार अमीरों की लिस्ट में पहले नंबर पर पहुंचे हैं लेकिन ज्यादा समय तक वहां टिक नहीं पाए हैं। इस बार भी उनके ज्यादा देर तक टिकने की संभावना नहीं है क्योंकि बेजोस की नेटवर्थ उनसे केवल एक अरब डॉलर कम है।
अब जो सूची आई है उसके अनुसार आरनाल्ट पहले स्थान पर हैं तो अमीरों की बेजोस 196 अरब डॉलर के साथ दूसरे और मस्क 189 अरब डॉलर के साथ तीसरे नंबर पर हैं। मेटा प्लेटफॉर्म के मार्क जकरबर्ग (178 अरब डॉलर) चौथे, माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स (149 अरब डॉलर) पांचवें, स्टीव बालमर (139 अरब डॉलर) छठे, अमेरिका के दिग्गज इन्वेस्टर वॉरेन बफे (133 अरब डॉलर) सातवें नंबर, लैरी एलिसन (126 अरब डॉलर) आठवें, लैरी पेज (121 अरब डॉलर) नौवें और सर्गेई ब्रिन (115 अरब डॉलर) दसवें नंबर पर हैं। भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी 114 अरब डॉलर के साथ इस लिस्ट में 11वें नंबर पर हैं जबकि अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी 103 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ 13वें स्थान पर हैं।
एक नजर उन शहरों पर भी डालते चलें, जहां रईस अधिक संख्या में रहते हैं। इसमें पहले नंबर पर है न्यूयॉर्क। अमेरिका के इस शहर में 101 ऐसे रईस रहते हैं जिनकी नेटवर्थ एक अरब डॉलर यानी 8,288 करोड़ रुपये से अधिक है। न्यूयॉर्क के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा बिलिनेयर हॉन्ग कॉन्ग में रहते हैं। फोब्र्स के मुताबिक यह शहर 70 बिलिनेयर्स का घर है। इसके बाद चीन के दो शहर बीजिंग और शंघाई का नंबर है। बीजिंग में 68 बिलिनेयर्स रहते हैं जबकि शंघाई 65 बिलिनेयर्स का ठिकाना है। चीन के सबसे बड़े रईस झोंग शैनशैन हैं। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ 66.4 अरब डॉलर है और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 22वें नंबर पर हैं। इस लिस्ट में अगले नंबर पर यूके की राजधानी लंदन है। इस शहर में 63 बिलिनेयर रहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गोपीचंद हिंदुजा ब्रिटेन के सबसे अमीर शख्स हैं। उनके परिवार की नेटवर्थ 35 अरब पाउंड है।
रूस की राजधानी मॉस्को इस लिस्ट में छठे नंबर पर है। इस शहर में 61 बिलिनेयर रहते हैं। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक व्लादिमिर पोतानिन रूस के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनकी नेटवर्थ 30.4 अरब डॉलर है और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 50वें नंबर पर हैं। भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में 56 बिलिनेयर रहते हैं। इनमें एशिया और भारत के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी भी शामिल हैं। अंबानी 114 अरब की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 11वें नंबर पर हैं। चीन के शेनजेन में 54, सिंगापुर में 46, दिल्ली में 37 और सैन फ्रांसिस्को में 37 बिलिनेयर रहते हैं।
कुल मिलाकर कुछ देश अमीरों के हो गए हैं तो कुछ शहरों को अमीरों के नाम से जाना जाने लगा है। ये बात और है कि दुनिया में अमीरों और गरीबों के बीच की खाई बहुत तेजी से बढ़ रही है। अमीर और अमीर होते जा रहे हैं, गरीब और गरीब। औसत आय का आंकलन भी इसीलिए न्यायोचित नहीं होता, क्योंकि हम दोनों की आय को मिलाकर ही औसत निकालते हैं। आज एक खबर और आई ैहै कि उच्च मध्यम वर्ग की आय बढ़ रही है। लेकिन सही मायने में तो वो अमीरों यानि उच्च आय वर्ग में ही पहुंच गए हैं। मध्यम वर्ग तो निम्न मध्यम हो गया है और धीरे-धीरे बीपीएल के साथ पहुंचता जा रहा है। फिलहाल दुनिया के अमीरों के शीर्ष पर पहली बार फ्रांसीसी कारोबारी पहुंचे हैं तो इसकी खुशियां उसे मनाने का हक है। हम अंबानी से ही खुश हो जाएं।
– संजय सक्सेना

