सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनियां National Aluminium Company (Nalco) और NLC India Limited (NLCIL) ने ओडिशा के अंगुल में 1,080 मेगावाट क्षमता वाले कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट की स्थापना के लिए संयुक्त उद्यम (Joint Venture) समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य Nalco की प्रस्तावित एल्यूमिनियम उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना को आवश्यक बिजली उपलब्ध कराना है।
50:50 संयुक्त उद्यम के तहत होगा परियोजना का विकास
दोनों कंपनियों के बीच हुए Joint Venture-cum-Shareholders’ Agreement के अनुसार 50:50 हिस्सेदारी वाली नई संयुक्त कंपनी बनाई जाएगी। यह कंपनी Nalco के मौजूदा कैप्टिव पावर कॉम्प्लेक्स, अंगुल में 4×270 मेगावाट क्षमता का नया थर्मल पावर प्लांट विकसित करेगी।
एल्यूमिनियम स्मेल्टर विस्तार के लिए बढ़ेगी बिजली की जरूरत
Nalco वर्तमान में अपने अंगुल स्थित एल्यूमिनियम स्मेल्टर की क्षमता में 0.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) का विस्तार कर रही है। कंपनी की योजना के अनुसार यह विस्तार 2030-31 तक पूरा होने की संभावना है। एल्यूमिनियम स्मेल्टिंग उद्योग में बिजली की खपत सबसे अधिक होती है, इसलिए विस्तारित संयंत्र के संचालन के लिए लगभग 800 मेगावाट अतिरिक्त निर्बाध बिजली की आवश्यकता होगी।
₹12,000 करोड़ का निवेश, बड़े विस्तार कार्यक्रम का हिस्सा
नई बिजली परियोजना पर लगभग ₹12,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह Nalco के करीब ₹30,000 करोड़ के व्यापक विस्तार कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंपनी का कहना है कि इस कैप्टिव पावर प्लांट से विस्तारित स्मेल्टर को स्थिर और लागत प्रभावी बिजली उपलब्ध होगी।
ब्राउनफील्ड मॉडल से घटेगी लागत और समय
इस परियोजना को Nalco के मौजूदा पावर प्लांट परिसर में ब्राउनफील्ड विस्तार के रूप में चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। मौजूदा भूमि, बुनियादी ढांचे और अन्य सुविधाओं का उपयोग होने से निर्माण लागत कम रखने के साथ-साथ परियोजना को अपेक्षाकृत कम समय में पूरा करने में मदद मिलेगी।
भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखकर तैयार होगी क्षमता
1,080 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता केवल मौजूदा विस्तार परियोजना की बिजली आवश्यकता पूरी करने तक सीमित नहीं रहेगी। कंपनी का मानना है कि इससे भविष्य में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजनाओं के लिए भी पर्याप्त परिचालन लचीलापन मिलेगा।
25 वर्षों तक Nalco खरीदेगी पूरी बिजली
समझौते के तहत संयुक्त उद्यम कंपनी और Nalco के बीच 25 वर्ष की अवधि का पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) होगा। इसके तहत प्लांट से उत्पादित 100 प्रतिशत बिजली Nalco को उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही NLC India के साथ दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौता भी होगा, जिसके तहत Coal India की अधिसूचित कीमतों पर कोयला उपलब्ध कराया जाएगा।
कोयला आपूर्ति में NLC India निभाएगी अहम भूमिका
सूत्रों के अनुसार NLC India अपनी खनन विशेषज्ञता और ओडिशा स्थित Machhakata Coal Mine सहित उपलब्ध कोयला संसाधनों का उपयोग करेगी। परियोजना स्थल के निकट स्थित इस खदान से लंबे समय तक ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना है।
बिजली लागत पर नियंत्रण की रणनीति
एल्यूमिनियम उत्पादन में बिजली की हिस्सेदारी कुल लागत का लगभग 35 से 40 प्रतिशत होती है। ऐसे में कंपनी को उम्मीद है कि कैप्टिव बिजली उत्पादन से बाजार में बिजली दरों के उतार-चढ़ाव का असर काफी हद तक कम किया जा सकेगा, जिससे उत्पादन लागत पर बेहतर नियंत्रण रहेगा।
नवीकरणीय ऊर्जा पर भी रहेगा फोकस
Nalco ने इस साझेदारी में स्वच्छ ऊर्जा को भी शामिल किया है। कंपनी 200 से 250 मेगावाट फर्म रिन्यूएबल एनर्जी खरीदने की योजना बना रही है, ताकि Renewable Consumption Obligation (RCO) मानकों का पालन किया जा सके। NLC India अपनी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते या ग्रुप कैप्टिव व्यवस्था के जरिए इस आवश्यकता को पूरा करने में सहयोग करेगी। इससे एल्यूमिनियम उत्पादन का कार्बन फुटप्रिंट घटाने में भी मदद मिलेगी।
नई दिल्ली में हुआ समझौते पर हस्ताक्षर
संयुक्त उद्यम समझौते पर नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री G. Kishan Reddy, कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं NLC India के प्रभारी CMD Sanoj Kumar Jha तथा Nalco के CMD Brijendra Pratap Singh मौजूद रहे।
पहले हुए MoU के बाद अब निवेश योजना को मिली मंजूरी
यह समझौता दोनों कंपनियों के बीच पहले हस्ताक्षरित गैर-बाध्यकारी Memorandum of Understanding (MoU) का अगला चरण है। शुरुआती समझौते में तापीय और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं तथा दीर्घकालिक कोयला आपूर्ति पर सहयोग का खाका तैयार किया गया था। अब उसी रूपरेखा को वास्तविक निवेश योजना में बदलते हुए Nalco के अगले विस्तार चरण को आगे बढ़ाया जाएगा।
