माइक्रोवेव में हर चीज को गर्म करना सुरक्षित नहीं होता। अंडा, मीट, हरी सब्जियां, तली हुई चीजें और चाय जैसी चीजों को माइक्रोवेव में दोबारा गर्म करने से सेहत को नुकसान हो सकता है। जानिए क्या है खतरा और किन चीजों को माइक्रोवेव में गर्म करना चाहिए।
Author: Nishpaksh Mat Team
वर्तमान में भारत में राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों पर कुल ₹82.22 लाख करोड़ का कर्ज़ है। यह जानकारी संसद में केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा बीजेपी सांसद और मध्य प्रदेश में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा द्वारा पूछें गए सवाल के जवाब में दी गई। शीर्ष 5 सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों की सूची (वित्त वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के आधार पर): यहां देखें पूरी लिस्ट
ध्रुवीय ज्योति प्रायः ध्रुवों के आकाश में ही दिखाई देती हैं, वे कभी-कभी सौर हवा के उतार-चढ़ाव के कारण नीचे के अक्षांशों पर भी दिखाई दे जाती है पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर कभी-कभी रात्रि में हरे, लाल, नीले और पीले रंगों की तेज चमक आकाश में दिखाई देती है. इस चमकीली रोशनी को ध्रुवीय ज्योति (Auroras) के नाम से पुकारते हैं. यह ज्योति उत्तरी और दक्षिणी गोलार्थों में देखी जा सकती है. उत्तरी गोलार्ध में चमकने वाली ज्योति को अरोरा बोरीलिस तथा दक्षिणी गोलार्ध की ज्योति को अरोरा ऑस्ट्रालिस (Aurora Australis) कहते हैं. क्या आप जानते हो…
सहारा संसार का सबसे विशाल रेगिस्तान है. यह लगभग 90 लाख वर्ग कि.मी. में फैला हुआ है. यह अफ्रीका के उत्तर में स्थित है. यह पश्चिम में अटलांटिक महासागर के किनारे से लेकर लाल सागर और ईराक तक फैला इसमें अल्जीरिया, चाड, मिस्र, लीबिया, माली, माउरिटानिया, मोरक्को, सूडान और ट्यूनीसिया देशों के भाग शामिल हैं. रेगिस्तान का एक तिहाई भाग रेत के टीलों से भरा है और बाकी में पथरौली चट्टानें और मैदान हैं. सहारा रेगिस्तान में कुछ स्थानों पर प्राकृतिक गैस और कच्चा तेल (Crude Oil) मिला है. अब इसे वहां से निकाल कर दूसरे देशों को भेजा जाने…
सनातन धर्म में विभिन्न प्रकार के त्यौहारों एवं पर्वों का अपना महत्व है जिसमें श्रावण मास को मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माह कहा जाता है। जिसमें सनातन धर्मावलंबियों के द्वारा भगवान औघढदानी को प्रसन्न करने के लिये विशेष पूजनार्चन किया जाता है। सम्पूर्ण देश के कौने-कौने में इस माह में विशेष पूजन का दौर चलता है देश ही नहीं विश्व के उन क्षैत्रों में जहां-जहां सनातन धर्म के अनुयायी निवास करते है इस धार्मिक पर्व को बडे ही धूमधाम से मनाते है। ओम नमः शिवाय से गूंजेगे मंदिर श्रावण सोमवार के इस महान पर्व पर आज जहां चारों ओर…
अंग्रेजी के 26 अक्षर रोमन वर्णमाला से 2500 वर्ष पहले लिए गए थे किसी भी भाषा का विकास यकायक नहीं हो गया. मानव सभ्य होने से पहले जंगलों में रहता था. उस प्राचीन काल में मनुष्य एक-दूसरे से बात करने के लिए तरह-तरह की आवाजों से इशारे करता था. धीरे-धीरे हर चीज, काम और बात के लिए तरह-तरह की आवाजें निश्चित होती गयीं. समय बीतने के साथ ही इन आवाजों या ध्वनियों से अक्षरों या वर्णमाला (Alphabets) का विकास हुआ. इसके बाद हर चीज, विचार या काम के लिए शब्द बनते गए. इन शब्दों से मिलकर फिर भाषा का जन्म…
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (लखनऊ) की नेफ्रोलॉजिस्ट, डॉक्टर मेधावी गौतम के अनुसार, पेशाब को लंबे समय तक रोकने से स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है, जिसमें किडनी और शरीर में संक्रमण प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि पेशाब रोकने से ब्लैडर को भी नुकसान हो सकता है और यह यूटीआई (मूत्र मार्ग संक्रमण) का प्रमुख कारण बन सकता है। किडनी और शरीर में संक्रमण पेशाब को लंबे समय तक रोकने से सबसे पहले किडनी और शरीर में संक्रमण का खतरा बढ़ता है। बार-बार यूटीआई होने से किडनी पर बुरा प्रभाव पड़ता है और संक्रमण का खतरा अधिक हो जाता है।…
हिमयुग के दौरान अमेरिका, एशिया और यूरोप के भू-भागों पर बर्फ की विशाल परतें जमी हुई थीं मानव इतिहास के वे प्राचीन युग जब धरती के अधिकांश भाग बर्फ और ग्लेशियरों से ढके थे, हिम-युगों के नाम से जाने जाते हैं. धरती के अब तक के इतिहास में कई हिम-युग आए. प्रथम हिम-युग लगभग 70 करोड़ वर्ष पहले प्रीकेम्ब्रियन काल (Precambrian Times) में आया था. दूसरा हिम-युग लगभग 28 करोड़ वर्ष पहले कार्बोनिफेरस (Carboniferous) काल के अंत में और परमियन-काल (Permian Period) के आरंभ में आया. तीसरा हिमयुग लगभग 20 लाख साल पहले आया था. इसे प्लीस्टोसेन हिम-युग (Pleistocene Ice…
रैकून अपना भोजन साफ करने के लिए नहीं वरन् उसे अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए धोता है रेकून (Raccoon) एक अत्यंत मनोरंजक जंतु है. कुछ लोगों का कहना है कि यह जानवर अपना भोजन धोकर खाता है. इस बात में कुछ सच्चाई है. अधिकांश रैकून खाने से पहले अपने भोजन धोते हैं और ऐसे उदाहरण भी अनुभव में आए हैं कि यदि धोने के लिए पानी नहीं मिला है, तो इन्होंने भोजन करने से इंकार कर दिया है. दूसरी जगह ऐसा भी देखने में आया है कि पास ही पानी होने पर भी रैकून ने बिना धोए खाना खा लिया…
पर्यटन नगरी ओरछा में फिल्म ‘भूल भुलैया 3’ की शूटिंग के लिए आए अभिनेता कार्तिक आर्यन शनिवार को ओरछा की सड़कों पर नजर आए। आर्यन ने दोपहर के समय नगर के बीचों-बीच झांसी मुख्य मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध राजू चाट भंडार पर चाट का आनंद लिया। इस दौरान उनके प्रशंसकों ने जमकर सेल्फियां लीं। कार्तिक आर्यन ने ओरछा में चाट का स्वाद लेते हुए अपने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें भी साझा कीं। फिल्म की शूटिंग के चलते कार्तिक आर्यन और अभिनेत्री तृप्ति डिमरी यहां की ऐतिहासिक धरोहरों में फिल्म के कुछ अंश शूट कर रहे हैं। शूटिंग से समय निकालकर, कार्तिक…
