PM Ujjwala Yojana: मिडिल ईस्ट में जारी संकट का असर अब घरेलू रसोई के बजट पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते देश में घरेलू गैस सिलेंडर महंगे हुए हैं। ऐसे समय में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत बनी हुई है।
हालांकि, सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या में बदलाव किया है। इसके बावजूद गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए मिलने वाली सहायता इस योजना को बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।
क्या है प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा गरीब रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की महिलाओं को धुआं रहित रसोई उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान किया जाता है।
योजना के अंतर्गत सरकार नए कनेक्शन के लिए 1,600 रुपये की वित्तीय सहायता देती है। इस राशि में सिलेंडर की सिक्योरिटी राशि, रेगुलेटर और गैस पाइप का खर्च शामिल होता है। इसके अलावा लाभार्थियों को एलपीजी रिफिल पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की अतिरिक्त सब्सिडी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
उज्ज्वला योजना का लाभ लेने के लिए कुछ निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
- आवेदन केवल परिवार की वयस्क महिला के नाम पर किया जा सकता है।
- आवेदक के घर में पहले से इंडेन, भारत गैस या एचपी जैसी किसी भी तेल कंपनी का एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए।
- आवेदक अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की लाभार्थी, अंत्योदय अन्न योजना (AAY) से जुड़ी महिला, अत्यंत पिछड़ा वर्ग (OBC) अथवा गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवार से संबंधित होनी चाहिए।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
उज्ज्वला योजना के लिए आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:
- उज्ज्वला योजना का विशेष केवाईसी (KYC) फॉर्म
- पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र
- परिवार के सभी सदस्यों के नाम वाला राशन कार्ड
- बैंक खाते की जानकारी और IFSC कोड
- आवेदक महिला की पासपोर्ट साइज फोटो
उज्ज्वला योजना के लिए कैसे करें आवेदन?
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
स्टेप 1: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की आधिकारिक वेबसाइट www.pmuy.gov.in पर जाएं।
स्टेप 2: होमपेज पर दिए गए ‘Apply for New Ujjwala 2.0 Connection’ विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 3: इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस में से अपनी पसंद की कंपनी का चयन करें और ‘Click Here to Apply’ पर क्लिक करें।
स्टेप 4: संबंधित गैस कंपनी के पोर्टल पर अपनी पात्रता की पुष्टि करें और मांगी गई सभी जानकारी भरें।
स्टेप 5: राशन कार्ड, बैंक विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके आवेदन सबमिट कर दें।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
जो लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे अपने नजदीकी एलपीजी गैस एजेंसी से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म में सभी जानकारी भरने के बाद आवश्यक दस्तावेजों की फोटोकॉपी संलग्न करके एजेंसी में जमा करनी होगी।
आवेदन के बाद क्या होगा?
आवेदन जमा होने के बाद गैस एजेंसी और संबंधित तेल कंपनियों द्वारा दस्तावेजों एवं पात्रता की जांच की जाती है। यदि सभी जानकारियां सही पाई जाती हैं और आवेदक के नाम पर पहले से कोई गैस कनेक्शन नहीं होता है, तो नया एलपीजी कनेक्शन जारी कर दिया जाता है।
अब 9 की जगह मिलेंगे सिर्फ 4 सस्ते सिलेंडर
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पहले लाभार्थियों को एक वर्ष में 9 सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते थे। लेकिन बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों और आर्थिक दबाव के बीच सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है।
नए नियम के अनुसार अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में केवल 4 सिलेंडरों पर ही 300 रुपये प्रति सिलेंडर की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। यानी पांचवें सिलेंडर से आगे उपभोक्ताओं को सामान्य दरों पर गैस रिफिल कराना होगा।
इस बदलाव का असर करोड़ों लाभार्थी परिवारों पर पड़ सकता है। हालांकि, सरकार का कहना है कि योजना के तहत गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जारी रहेगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
देश के ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में आज भी कई घर पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी और उपलों का उपयोग करते हैं। ऐसे में उज्ज्वला योजना महिलाओं और बच्चों को धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने के साथ-साथ स्वच्छ ईंधन तक पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
बढ़ती महंगाई के दौर में भले ही सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या कम हुई हो, लेकिन मुफ्त कनेक्शन और प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता के कारण यह योजना अभी भी करोड़ों गरीब परिवारों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनी हुई है।
