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MP News- हिंदी भाषा में एमबीबीएस कोर्स शुरू करेगा मध्य प्रदेश: विश्वास सारंग

MP News- हिंदी भाषा में एमबीबीएस कोर्स शुरू करेगा मध्य प्रदेश: विश्वास सारंग


भोपाल। मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने ऐलान किया है कि राज्य में अब एमबीबीएस पाठ्यक्रम हिंदी में भी पढ़ाया जाएगा। सारंग ने आगे कहा कि भोपाल का गांधी मेडिकल कॉलेज इस साल अप्रैल से हिंदी भाषा में एमबीबीएस कोर्स शुरू करेगा। सारंग ने कहा, “वैज्ञानिक शोध कहता है कि… मातृभाषा में अध्ययन करने के परिणाम सुगम होते हैं।”

किताबों का रूपांतरण व्यवहारिक पक्ष को ध्यान में रखकर

मंत्री सारंग ने कहा कि गाँधी मेडिकल कॉलेज से इसकी शुरूआत होगी। नवाचार के रूप में प्रथम वर्ष के 3 विषयों की किताबों का रूपांतरण व्यवहारिक पक्ष को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देवनागरी का उपयोग कर विद्यार्थियों को टूल और प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मातृ भाषा की पढ़ाई जल्द और ज्यादा समझ में आती है। फ्रांस, जर्मन, जापान और चाइना अपनी भाषा में पढ़ाई कराते हैं।

फेकल्टी भी हिन्दी के सहायक शब्दों का करेगी उपयोग
मंत्री सारंग ने बताया कि किताबों का वाल्यूम क्रमबद्ध होगा। सब वाल्यूम बनाकर अप्रैल-मई में पाठ्यक्रम की शुरूआत की जायेगी। कॉपीराइट का भी समुचित अध्ययन किया जा रहा है। इसका पालन सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की फेकल्टी को भी हिन्दी में विद्यार्थियों को समझाते हुए क्लासेस लेने के निर्देश दिये गये हैं। तीन विषयों के लिये तीन वार-रूम बनाये जा रहे हैं। भोपाल में एनाटॉमी और बायो-केमेस्ट्री तथा इंदौर में फिजियोलॉजी का वार-रूम तैयार किया जायेगा। इसमें विषय के रूपांतरण के सत्यापन की जाँच होगी।

मंत्री सारंग ने कहा कि गाँधी मेडिकल कॉलेज से इसकी शुरूआत होगी। नवाचार के रूप में प्रथम वर्ष के 3 विषयों की किताबों का रूपांतरण व्यवहारिक पक्ष को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देवनागरी का उपयोग कर विद्यार्थियों को टूल और प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मातृ भाषा की पढ़ाई जल्द और ज्यादा समझ में आती है। फ्रांस, जर्मन, जापान और चाइना अपनी भाषा में पढ़ाई कराते हैं।

फेकल्टी भी हिन्दी के सहायक शब्दों का करेगी उपयोग
मंत्री सारंग ने बताया कि किताबों का वाल्यूम क्रमबद्ध होगा। सब वाल्यूम बनाकर अप्रैल-मई में पाठ्यक्रम की शुरूआत की जायेगी। कॉपीराइट का भी समुचित अध्ययन किया जा रहा है। इसका पालन सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की फेकल्टी को भी हिन्दी में विद्यार्थियों को समझाते हुए क्लासेस लेने के निर्देश दिये गये हैं। तीन विषयों के लिये तीन वार-रूम बनाये जा रहे हैं। भोपाल में एनाटॉमी और बायो-केमेस्ट्री तथा इंदौर में फिजियोलॉजी का वार-रूम तैयार किया जायेगा। इसमें विषय के रूपांतरण के सत्यापन की जाँच होगी।


ऑडियो-वीडियो के माध्यम से भी होगी हिन्दी में पढ़ाई
मंत्री सारंग ने बताया कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिये हिन्दी लेक्चर के ऑडियो-वीडियो बनाकर यू-ट्यूब चैनल के माध्यम से उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा, जिसने इस नवाचार की शुरूआत की और आगे भी लागू करने में मध्यप्रदेश अग्रणी रहेगा।
मंत्री सारंग ने बताया कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिये हिन्दी लेक्चर के ऑडियो-वीडियो बनाकर यू-ट्यूब चैनल के माध्यम से उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा, जिसने इस नवाचार की शुरूआत की और आगे भी लागू करने में मध्यप्रदेश अग्रणी रहेगा।

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