भोपाल। कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं एवं लंबित मांगों को लेकर 11 सूत्री मांगों को प्रर्दशन किया गया है। इन मांगों में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान केंद्रीय तिथि से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत प्रदान करने की मांग प्रमुख है। इसके साथ ही कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने, नवनियुक्त कर्मचारियों को 70, 80 एवं 90 प्रतिशत वेतन देने संबंधी आदेश पर तत्काल रोक लगाने तथा पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करने की मांग की गई है।
मांगों में यह भी शामिल है कि शिक्षा विभाग एवं अनुसूचित जनजातीय विभाग में पदस्थ शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान अथवा समयमान वेतनमान शीघ्र प्रदान किया जाए। लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के लिपिकों के समान ग्रेड पे दिए जाने, दैनिक वेतन कर्मियों, स्थायी कर्मियों, आउटसोर्स एवं संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्त करने का भी आग्रह किया गया है।
इसके अतिरिक्त अनुकंपा नियुक्ति एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी (CPCT) की अनिवार्यता समाप्त करने, सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पीपीओ सहित सभी स्वत्वों का भुगतान सेवानिवृत्ति की तिथि पर ही सुनिश्चित करने तथा ई-अटेंडेंस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। वहीं वर्ष 1997 में नियुक्त गुरुजी संवर्ग को उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता की गणना करते हुए समस्त लाभ प्रदान करने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
