राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ हुई दरिंदगी को लेकर देशव्यापी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में, मध्य प्रदेश के हरदा में ऑटो चालक संघ ने गुरुवार शाम को कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन ने जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार राजेंद्र पंवार को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर इस जघन्य अपराध के दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा देने और मृत्युदंड की श्रेणी में लाने की मांग की है।
सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की मांग
संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की गई है। प्रदर्शनकारियों ने यह मांग भी प्रमुखता से उठाई है कि इस संवेदनशील मामले में शुरुआती स्तर पर लापरवाही बरतने वाले या मामले को नजरअंदाज करने वाले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी जवाबदेही तय की जाए। स्थानीय अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को उचित प्रशासनिक माध्यमों से वरिष्ठ स्तर तक पहुंचा दिया जाएगा।
आरोपी चालक की करतूत से आहत संघ ने दी सफाई
इस विरोध प्रदर्शन का एक मुख्य उद्देश्य इस अपराध में शामिल एक ऑटो चालक की वजह से पूरे परिवहन जगत पर लगे दाग को साफ करना भी था। ऑटो चालक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश सोनी ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि कैसे एक व्यक्ति की आपराधिक मानसिकता के कारण देश भर के ऑटो चालकों की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
“श्रीगंगानगर की इस अमानवीय घटना में एक ऑटो चालक की संलिप्तता ने देश भर के ईमानदार चालकों की छवि को ठेस पहुंचाई है। आम तौर पर ऑटो चालक पूरी ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ महिलाओं, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को सुरक्षित परिवहन सेवाएं प्रदान करते हैं। हम ऐसी घिनौनी मानसिकता वाले अपराधियों का पूरी तरह से बहिष्कार करते हैं और उनके लिए फांसी की मांग करते हैं।”
— राजेश सोनी, जिलाध्यक्ष, ऑटो चालक संघ
